पाकिस्तान-अफगानिस्तान वार्ता बिना समझौते खत्म, तनाव बरकरार, चीन की चौधराहट भी नहीं आई काम
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लड़ाई खत्म करने के लिए चीन की मध्यस्थता में एक सप्ताह तक चली वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बुधवार को बताया कि चीन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने 1 से 7 अप्रैल तक शिनजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र की प्रांतीय राजधानी उरुमकी में अनौपचारिक वार्ता की। हालांकि, चीन का कहना है कि दोनों देश अपने मतभेदों को सुलझाने के लिए एक व्यापक समाधान तलाशने पर सहमत हुए हैं।
चीन की मध्यस्थता से हुई यह वार्ता, पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में कथित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए फरवरी के अंत में ऑपरेशन गजब-लिल-हक शुरू करने के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहली प्रमुख राजनयिक बातचीत थी।
पाकिस्तान ने तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सरकार पर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे समूहों के सदस्यों को शरण देने का आरोप लगाया है, जो पाकिस्तान में कई प्रांतों में बार-बार हमले कर विद्रोह को अंजाम दे रहे हैं।
माओ ने कहा कि तीनों पक्षों के अधिकारियों ने एक अच्छे माहौल में खुलकर और व्यावहारिक चर्चा की। उरुमकी में हुई वार्ता में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मध्य स्तर के अधिकारियों ने भाग लिया। Edited by : Sudhir Sharma
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वेबदुनिया न्यूज डेस्क