सम्बंधित जानकारी
- गोरक्षक या गैंगस्टर? ये तो मोदी जी की भी नहीं सुनते
- Kolkata Doctor Case : अपनी वकील से बोला मुख्य आरोपी संजय रॉय- मैं निर्दोष हूं, मुझे फंसाया गया...
- Kolkata Doctor Case : कोलकाता में जूनियर डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन, पुलिस आयुक्त के इस्तीफे की मांग
- कोलकाता रेप-मर्डर से आहत श्रेया घोषाल ने कैंसिल किया कॉन्सर्ट, बोलीं- जरूरी है कि मैं एक स्टैंड लूं...
- कोलकाता कांड की आंच दुर्गा पूजा तक पहुंची
शेख हसीना के खिलाफ हत्या के 2 और मामले, अब तक 94 मुकदमे
2 more murder cases filed against Sheikh Hasina : बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हत्या के 2 और मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद उनके खिलाफ मुकदमों की कुल संख्या 94 हो गई है। जिनमें से ज्यादातर मामले सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ छात्रों के व्यापक प्रदर्शन के दौरान हत्याओं से जुड़े हैं।
मीडिया में आई खबरों में बुधवार को यह जानकारी दी गई। हसीना (76) ने पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था और भागकर भारत चली गई थीं। अवामी लीग नेता हसीना के खिलाफ अब तक कम से कम 94 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से ज्यादातर मामले सरकारी नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली के खिलाफ छात्रों के व्यापक प्रदर्शन के दौरान हत्याओं से जुड़े हैं।
डेली स्टार अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, 19 जुलाई को विरोध प्रदर्शन के दौरान ढाका के एक निवासी की हत्या का मामला बुधवार को हसीना और 26 अन्य लोगों पर दर्ज किया गया। मृतक की पत्नी ने ढाका मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अफनान सुमी की अदालत में मामला दर्ज कराया, जिन्होंने पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन से जांच के बाद रिपोर्ट पेश करने को कहा।
इस मामले में पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमां खान, अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर और अवामी लीग तथा इसके अग्रणी संगठनों के कई नेता और कार्यकर्ता आरोपी हैं। मृतक की पत्नी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके पति की 19 जुलाई को बांग्लादेश टेलीविजन भवन के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जात्राबाड़ी इलाके में एक छात्र की मौत के मामले में एक अन्य मामला हसीना, पूर्व कानून मंत्री शफीक अहमद, पूर्व अटॉर्नी जनरल एएम अमीन उद्दीन, उच्चतम न्यायालय की वकील तानिया आमिर और 293 अन्य के खिलाफ दर्ज किया गया है। मृतक छात्र की मां ने रविवार को जात्राबाड़ी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया।
मामले के बयान के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे ने पांच अगस्त को आरक्षण सुधार आंदोलन में भाग लिया था और सुबह करीब नौ बजे जब वह जात्राबाड़ी पुलिस स्टेशन पार कर रहा था, तब उसे गोली मार दी गई। उसे ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
Edited By : Chetan Gour
