दिव्य सोमनाथ ज्योतिर्लिंग यात्रा का इंदौर में भव्य स्वागत
आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के प्रणेता श्रीश्री रविशंकर जी को सौंपे गए 1000 वर्ष पूर्व सोमनाथ ज्योतिलिंग के अवशेषों से बने गए 11 शिवलिंग से 2 शिवलिंग की सोमनाथ ज्योतिर्लिंग यात्रा का इंदौर में गांधी हाल में भव्य शोभा यात्रा द्वारा स्वागत किया।
श्री गोपेश्वर मंदिर से प्रारंभ यात्रा में हजारी की संख्या ने श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ सोमेश्वर ज्योतिर्लिंग का स्वागत किया। गांधी हाल में सैकड़ों की संख्या में भक्त गण ने रुद्र पूजा के दर्शन किए। तथा इसके साथ ही भक्ति लर्न सत्संग ने वातावरण में अद्भुत मस्ती भर दी।
इसके पूर्व प्रातः ये सोमनाथ ज्योतिर्लिंग यात्रा का उज्जैन में आगमन हुआ, जिसमें सोमनाथ जी और महाकाल का मिलन का अदभुत दृश्य देखने को मिला।
यात्रा में ज्योतिर्लिंग के वाहक आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ शिक्षक श्री दर्शक हाथी ने बताया कि, ये अवशेष गत जनवरी ने गुरुदेव को दक्षिण के पंडितों द्वारा श्री शंकराचार्य जी के निर्देश ओर सौंपे गए थे।
ये ज्योतिर्लिंग सतयुग में चंद्रमा देव द्वारा श्राप मुक्ति हेतु सोमनाथ में स्थापित किए गए थे। ये ज्योतिर्लिंग जमीन से कुछ फिट ऊपर हवा में तैरता था, जिसको करीब 1000 वर्ष पूर्व नष्ट किया गया था। जिसके कुछ अंश दक्षिण के अग्निहोत्री ब्राह्मण ले गए थे और उनकी पीढ़ियां इसकी लिंग के रूप में पूजा के रहे थे। करीब 100 वर्ष पूर्व तात्कालिक शंकराचार्य जी की निर्देश पर 100 वर्ष बाद यस गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर जी को सौंपे गए।
Photo courtesy: Art of living