2 लाख श्रद्धालु पहुंचे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में, 20 से ज्यादा भजन मंडलियां, 500 जवान तैनात, भक्ति में डूबे इंदौरी
इंदौर के सबसे लाडले हनुमान बाबा रणजीत के दरबार में शुक्रवार की सुबह लाखों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। करीब 2 लाख से ज्यादा भक्त हनुमानजी की प्रभातफेरी में शामिल हुए। बाबा की प्रभातफेरी में नंगे पैर लोग शामिल हुए। वहीं हजारों भक्त सडक पर झाड़ू लगाते नजर आए।
कड़ाके की ठंड के बावजूद रात 2 बजे से ही रणजीत हनुमान इलाका और अन्नपुर्णा भगवा माहौल में रंग गया। 20 से ज्यादा भजन मंडलियां, कई झांकियां और रथ यात्रा ने पूरे शहर को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए 500 पुलिसकर्मी तैनात रहे और कई मार्गों पर ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए।
2 लाख से ज्यादा भक्त शामिल : शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में 2 लाख से ज्यादा भक्त शामिल हुए। कड़ाके की ठंड में भी भगवा माहौल, भजन मंडलियां, झांकियां और रथ यात्रा आकर्षण का केंद्र रहे। बता दें कि शुक्रवार सुबह 4 बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकली, जिसमें 2 लाख से ज्यादा भक्त शामिल हुए। चारों तरफ भगवा पताकाएं, भजन गाती मंडलियां, भक्ति में डूबे लोगों का हुजूम सड़क पर नजर आया।
भजन मंडल, नृतक दल शामिल : बता दें कि रणजीत अष्टमी के अवसर पर रणजीत हनुमान मंदिर से निकाली गई प्रभातफेरी की तैयारियां एक हफ्ते पहले ही शुरू हो गई थी। शुक्रवार की सुबह 3 बजे यात्रा शुरू हुई। 32वें क्रम पर बाबा रणजीत का रथ था। रथ के आगे भजन मंडल, नृतक दल, नासिक ढोल पर कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। सुबह 4 बजे मंदिर परिसर से बाबा रणजीत अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकले। इस दौरान भव्य आतिशबाजी हुई। प्रभातफेरी धीरे-धीरे महूनाका की तरफ बढ़ी। अन्नपूर्णा, दशहरा मैदान, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए प्रभातफेरी फिर मंदिर पहुंची।
500 जवान तैनात, ट्रैफिक डायवर्ट : प्रभात फेरी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया था। शुक्रवार सुबह तीन बजे से फूटीकोठी, उषा नगर और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहे। इसके अलावा फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महुनाका चौराहा तक वाहनों का आना जाना बंद रखा गया। प्रभातफेरी में 500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात थे। पुलिस ने कई जगह से निगरानी की। ड्रोन से संदिग्ध लोगों पर नजर रखी गई। रथ के आसपास भी पुलिस सुरक्षा का घेरा बना रहा। यात्रा का मार्ग करीब चार किलोमीटर लंबा था।
Edited By: Navin Rangiyal