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Written By WD Feature Desk
Last Updated : मंगलवार, 3 मार्च 2026 (15:44 IST)

Holi 2026: लठमार से लेकर फूलों वाली होली तक, भारत में कितने तरह से मनाई जाती है होली? जानिए खास परंपराएं

different types of holi, होली खेलते हुए लोग
Types of Holi: भारत में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विविधताओं का उत्सव है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे मनाने के तरीके इतने अनोखे हैं कि इसे कई प्रकारों में बांटा जा सकता है। भारत में होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि अलग-अलग परंपराओं का संगम है। लठमार होली समेत होली के अनोखे तरीकों को जानिए। देशभर में होली अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाई जाती है। लठमार होली समेत भारत में होली के प्रमुख रूप और उनकी खासियतें यहां जानिए।
 

मुख्य रूप से होली के ये 11 प्रकार सबसे प्रसिद्ध हैं:

1. होलिका दहन (पारंपरिक होली)

यह पूरे भारत में मनाई जाती है। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में सूखी लकड़ियों और उपलों का ढेर जलाया जाता है। इसे 'छोटी होली' भी कहते हैं।
 

2. धुलेंडी (रंगों वाली होली)

होलिका दहन के अगले दिन जब हम गुलाल, पानी और रंगों से खेलते हैं, उसे 'धुलेंडी' कहा जाता है। यह होली का सबसे प्रचलित रूप है।
 

3. लठमार होली (बरसाना और नंदगाँव)

यह दुनिया भर में मशहूर है। यहाँ महिलाएं लाठियों से पुरुषों को मारती हैं और पुरुष ढाल से अपना बचाव करते हैं। यह राधा-कृष्ण के प्रेम और ठिठोली का प्रतीक है।
 

4. फूलों की होली (वृंदावन)

मथुरा और वृंदावन के मंदिरों (विशेषकर बांके बिहारी मंदिर) में रंगों के बजाय गुलाब, गेंदा और चमेली के फूलों से होली खेली जाती है। यह बहुत ही शांत और आध्यात्मिक अनुभव होता है।
 

5. रंग पंचमी (महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश)

मुख्य होली के 5 दिन बाद रंग पंचमी मनाई जाती है। इंदौर जैसे शहरों में इस दिन 'गेर' (विशाल जुलूस) निकलती है, जहाँ आसमान में रंगों की बौछार की जाती है।
 

6. होला मोहल्ला (पंजाब)

सिख समुदाय इसे वीरता के उत्सव के रूप में मनाता है। आनंदपुर साहिब में निहंग सिख शस्त्र कला, घुड़सवारी और तलवारबाजी का प्रदर्शन करते हैं।
 

7. कुमाऊंनी होली (उत्तराखंड)

यहाँ होली संगीत के रूप में मनाई जाती है। इसे 'बैठकी होली' (शास्त्रीय संगीत गाकर) और 'खड़ी होली' (गांव-गांव घूमकर नाचते हुए) के रूप में जाना जाता है।
 

8. डोल जात्रा (पश्चिम बंगाल)

यहाँ इसे 'बसंत उत्सव' कहते हैं। लोग पीले वस्त्र पहनते हैं, भगवान कृष्ण की डोल (झूला) यात्रा निकालते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से गुलाल खेलते हैं।
 

9. भस्म होली (वाराणसी):

यहाँ मणिकर्णिका घाट पर चिता की राख (भस्म) से होली खेली जाती है।
 

10. शिगमो (गोवा):

यह कोंकणी समुदाय का वसंत उत्सव है जिसमें लोक नृत्य और झांकियां निकलती हैं।
 

11. याओसांग (मणिपुर):

यह 5 दिनों तक चलता है और इसमें 'थबल चोंगबा' (पारंपरिक नृत्य) मुख्य होता है।
 
भारत में होली एक नहीं, बल्कि कई रूपों में मनाई जाती है। लठमार होली से लेकर फूलों वाली होली तक, हर क्षेत्र की अपनी अनूठी परंपरा है। यही विविधता भारत की संस्कृति को और भी समृद्ध बनाती है।