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हिन्दू नववर्ष 2022 : कब से प्रचलन में आया विक्रम संवत
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गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद
Gupt Navratri Mantra: गुप्त नवरात्रि का समय तंत्र-मंत्र, साधना और सोई हुई आध्यात्मिक शक्तियों को जगाने के लिए सबसे अचूक माना जाता है। सामान्य नवरात्रि के मुकाबले गुप्त नवरात्रि में की गई साधना अधिक तीव्र फल देती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंत्रों का प्रभाव श्रद्धा, नियम और शुद्ध आचरण के साथ किए गए जप पर आधारित माना जाता है।
गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें
Gundicha Temple: भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण और केंद्रीय पड़ाव गुंडिचा मंदिर ही है। प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पुरी में श्री जगन्नाथ प्रभु की रथयात्रा निकाली जाती है। यह रथ मुख्य मंदिर से निकलकर 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर जाता है और वहीं 9 दिनों तक रहने के बाद देवशयनी एकादशी के दिन लौट आता है। धार्मिक, पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से यह पड़ाव क्यों इतना खास है, आइए इसकी 5 सबसे महत्वपूर्ण बातें समझते हैं।
भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा
16 से 26 जुलाई तक जगन्नाथ रथयात्रा का उत्सव रहेगा। पौराणिक मान्यताओं और जगन्नाथ संस्कृति के अनुसार, भगवान जगन्नाथ की मौसी देवी अर्धसिनी हैं, जिन्हें श्रद्धा से 'मौसी मां' कहा जाता है। भगवान जगन्नाथ की मौसी और उनसे जुड़ी परंपराओं के बारे में कुछ बेहद खास बातें।
गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल
उत्तर प्रदेश के मौलाना जरजिस अंसारी ने एक विवादित बयान देते हुए भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताता है। उन्होंने दावा किया कि श्रीकृष्ण 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे। इस दौरान मौलाना जरजिस अंसारी ने अपनी तकरीर के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 6 के श्लोक 10 का 'गलत अर्थ' निकालकर अपनी बात को साबित करने की कोशिश भी की।
पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?
पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास जितना गौरवशाली है, उतना ही रहस्यों और संघर्षों से भरा है। यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता और अटूट आस्था की जीती-जागती कहानी है। हजारों वर्षों से यह रथयात्रा जारी है। आइए इसके प्रारंभ से लेकर इतिहास की मुख्य घटनाओं को संक्षिप्त में जानते हैं।
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22 July Birthday: आपको 22 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
22 July Happy Birthday: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 22 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी...
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 22 जुलाई 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय
22 July 2026 Today Shubh Muhurat : क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 22 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त...
भड़ली नवमी 2026: खरीदारी के लिए कब रहेगा शुभ मुहूर्त? जानें अच्छे संयोग और खास समय
भड़ली नवमी (जिसे भड़ल्या नवमी या भड़ला नवमी भी कहा जाता है) हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। भड़ली नवमी को सनातन धर्म में एक बेहद पवित्र और 'अबूझ मुहूर्त' माना गया है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, या नया व्यापार शुरू करना) करने के लिए किसी पंडित या ज्योतिषी से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। पूरा दिन अपने आप में अत्यंत शुभ होता है। फिर भी जानिए कि कब करें खरीदारी, गृह प्रवेश या अन्य कोई मांगलिक कार्य।
क्या हिंसक जन आंदोलन से होगा भारत में सत्ता परिवर्तन, क्या कहता है मेदिनी ज्योतिष?
cjp protest: ज्योतिषीय दृष्टिकोण और मेदिनी ज्योतिष (Mundane Astrology) के सिद्धांतों के अनुसार, भारत में बड़े आंदोलनों और राजनीतिक उथल-पुथल का मूल्यांकन करते समय विद्वान ज्योतिषाचार्यों का मत कुछ इस प्रकार है। शनि, मंगल और राहु ये तीनों ग्रह हिंसक आंदोलन, युद्ध और सत्ता परिवर्तन का संकेत देते हैं। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इससे भारत को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। भारत की अस्थिरता का लाभ शत्रु देशों को मिलेगा और भारत की सीमाओं पर खतरा बढ़ जाएगा जिसे संभालने के लिए कोई सशक्त शासक नहीं होने के अभाव के चलते भारत में सैन्य शासन लगाया जा सकता है।
गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन करें 5 महत्वपूर्ण कार्य
Gupt Navratri Navami 5 Works: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि का दिन तंत्र-मंत्र, साधना और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए बेहद शक्तिशाली माना जाता है। गुप्त नवरात्रि में गुप्त रूप से की गई पूजा और उपाय जीवन की बड़ी से बड़ी बाधा को दूर कर सकते हैं। यदि आप गुप्त नवरात्रि का व्रत रख रहे हैं या माता की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो नवमी के दिन ये 5 महत्वपूर्ण कार्य अवश्य करें।
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