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राजा विक्रमादित्य और महाकाल की नगरी उज्जैन का प्राचीन इतिहास
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महाकाल की नगरी का उज्जैन नाम कैसे पड़ा, जानिए अवंतिका नाम की रोचक जानकारी
हिन्दू नववर्ष 2022 : कब से प्रचलन में आया विक्रम संवत
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रुक्मणि के अलावा श्रीकृष्ण ने उज्जैन की राजकुमारी का भी किया था हरण
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कालभैरव की उत्पत्ति कैसे हुई, जानिए पौराणिक तथ्य...
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मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन के चलते 3 राशि के लोगों को 12 अगस्त तक रहना होगा सावधान। चलिए जानते हैं कि किन राशि 3 राशियों को रहना होगा सावधान।
Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म
देकार्त के जीवन का सबसे बड़ा ध्येय यह था कि दर्शनशास्त्र को भी गणित (Mathematics) की तरह सटीक, अकाट्य और संदेह से परे बनाया जाए। वे एक ऐसा सार्वभौमिक सत्य खोजना चाहते थे, जिस पर कोई भी प्रश्नचिह्न न लगा सके। इसी विचार ने बुद्धिवाद (Rationalism) की नींव रखी। आइए, देकार्त के इस अद्भुत दार्शनिक चिंतन के 4 प्रमुख स्तंभों को गहराई से समझते हैं।
मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव
वृषभ राशि के मंगल का 24 जुलाई 2026 को रोहिणी नक्षत्र से मृगशिरा नक्षत्र में गोचर होगा, जहां वे 12 अगस्त तक रहेंगे। ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ा हलचल भरा मोड़ आ चुका है- बुध ग्रह अपनी ही प्रिय राशि मिथुन में सीधे (मार्गी) चलने लगे हैं। अब जब बुद्धि और संवाद का कारक ग्रह सीधी चाल चलेगा, तो जाहिर है आपकी सोच, बातचीत और फैसलों की रफ्तार भी बदल जाएगी।
Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?
Raksha Bandhan 2026: हिन्दू पंचांग के अनुसार, रक्षा बंधन का पर्व प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति में इसे मिठास और खुशियों का उत्सव माना गया है। यह भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व है। यहां जानें रक्षा बंधन 2026 कब है? जानें रक्षा बंधन 2026 की तारीख...
चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय
Chaturmas Astrology Remedies: हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार चातुर्मास यह चार महीनों का पवित्र काल भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है। यदि आप अपनी राशि के अनुसार चातुर्मास में कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो जीवन में आ रही और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। यहां जानें 12 राशियों के लिए चातुर्मास के अचूक उपाय...
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कब है संतान सप्तमी, कैसे करते हैं व्रत और पूजा का क्या है शुभ मुहूर्त
Santan Saptami Vrat 2026: संतान सप्तमी 2026 का व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रखा जाता है। माताओं के लिए यह व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यह संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए रखा जाने वाला एक अत्यंत पवित्र एवं फलदायी व्रत है। उत्तर भारत में इसे 'मुक्ताभरण सप्तमी' या 'ललिता सप्तमी' के नाम से भी जाना जाता है। इस साल यह व्रत 18 सितंबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। जानिए कैसे करते हैं यह व्रत और पूजा का क्या है शुभ मुहूर्त?
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 04 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय
04 September 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 04 सितंबर, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि, मंत्र, आरती और अचूक उपाय
Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भाद्रपद के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि का मनाते हैं। इस बार भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा हैं। इस बार स्मार्त और वैष्णव दोनों ही मतों के अनुसार 4 सितंबर 2026 को यह उत्सव मनाया जाएगा। चलिए जानते हैं पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, आरती और अचूक उपाय।
कब है ऋषि पंचमी? जानें अपामार्ग स्नान का महत्व, व्रत के नियम और सप्तऋषि पूजन परंपरा
Rishi Panchami Vrat 2026: ऋषि पंचमी सनातन धर्म में सप्तऋषियों की कृपा, आशीर्वाद और जीवन के जाने-अनजाने पापों के क्षालन (शुद्धिकरण) के लिए समर्पित एक अत्यंत पावन एवं महत्वपूर्ण व्रत है। यह पर्व प्रतिवर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को (गणेश चतुर्थी के ठीक अगले दिन) मनाया जाता है। मुख्य रूप से यह व्रत महिलाओं द्वारा रखा जाता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार इसे हर कोई कर सकता है। ऋषि पंचमी का व्रत इस साल 15 सितंबर, मंगलवार को रखा जाएगा।
नीम करोली बाबा ने जब खाली LSD की गोलियां, रिचर्ड अल्बर्ट क्यों बुरी तरह घबरा गए?
नेब्रास्का विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान के प्रोफेसर रहे रिचर्ड अल्बर्ट और नीम करोली बाबा के बीच एलएसडी (LSD) को लेकर हुआ यह वाकया काफी प्रसिद्ध और दिलचस्प है। यह घटना मुख्य रूप से 1967 की है, जब रिचर्ड अल्बर्ट अपने आध्यात्मिक गुरु की खोज में पहली बार भारत आए थे। वे अपने आनंद के लिए ड्रग्स लेते थे।
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