आज भी आपको बंदर ही समझते हैं : होली फनी शायरी
होली पर अपने चेहरे को रंगों से सजाने की जरूरत क्या थी,
इन हसीन नैन औ नक्श को रंगों के पीछे छुपाने की जरूरत क्या थी,
हम तो कल भी आपको बंदर समझते थे और आज भी आपको बंदर ही समझते हैं...
