गुजरात बोर्ड का बड़ा एक्शन! 10वीं-12वीं की कॉपी जांच में गलती करने वाले 3,334 शिक्षकों पर जुर्माना
गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। राज्यभर में उत्तरपुस्तिका जांचते समय अंक देने में गलतियां करने वाले कुल 3,334 शिक्षकों पर जुर्माना लगाया गया है। मूल्यांकन कार्य में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के उद्देश्य से बोर्ड द्वारा यह कदम उठाया गया है।
अंकों की गलती के हिसाब से नियम अनुसार जुर्माना वसूली
मूल्यांकन के दौरान एक या अधिक अंकों की गणना में गलती करने वाले शिक्षकों से जुर्माना वसूला जाएगा। बोर्ड के नियमों के अनुसार, उत्तरपुस्तिका में 1 अंक की गलती के लिए 100 रुपए का जुर्माना तय किया गया है। शिक्षक द्वारा की गई गलतियों की संख्या और अंकों के अंतर के आधार पर जुर्माने की राशि बढ़ेगी। इस कड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य यह है कि शिक्षक उत्तरपुस्तिका जांचते समय पूरी सावधानी बरतें।
अहमदाबाद जिले के 229 शिक्षकों पर कार्रवाई
राज्यव्यापी कार्रवाई के तहत अहमदाबाद जिले में भी लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए गए हैं। अहमदाबाद के 229 शिक्षकों से 3,000 रुपए तक का जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। छात्रों की उत्तरपुस्तिका जांचते समय उचित अंक न देने या अंकों की गणना में गलती करने के कारण यह जुर्माना लगाया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति न हो।
मूल्यांकन कार्य में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर भी गाज
बोर्ड द्वारा केवल अंकों की गलती करने वाले शिक्षकों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि मूल्यांकन कार्य से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर भी कार्रवाई की गई है। बोर्ड के महत्वपूर्ण मूल्यांकन कार्य में उपस्थित न रहने वाले राज्य के 289 शिक्षकों पर भी जुर्माना लगाया गया है। इस फैसले से बोर्ड परीक्षा के काम को गंभीरता से न लेने वाले शिक्षकों को कड़ा संदेश दिया गया है।
छात्रों के भविष्य और परिणाम की शुद्धता के लिए निर्णय
बोर्ड की उत्तरपुस्तिका के मूल्यांकन में होने वाली छोटी सी गलती भी छात्रों के परिणाम और उनके करियर पर सीधा असर डालती है। इस बात को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए शिक्षा बोर्ड ने गलती के अनुपात में जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया है। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पूरी सटीकता रहे और हर छात्र को उसकी मेहनत का उचित न्याय मिले।

