गुजरात विधानसभा का 3 दिवसीय मानसून सत्र 9 सितंबर से: पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि के बाद शुरू होगी कार्यवाही
गुजरात विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के शेड्यूल में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राज्यपाल द्वारा जारी की गई नई अधिसूचना के अनुसार, यह 9वां सत्र अब 8 सितंबर के बजाय 9, 10 और 11 सितंबर यानी तीन दिनों तक चलेगा। गांधीनगर में आयोजित होने वाले इस छोटे लेकिन बेहद महत्वपूर्ण सत्र के दौरान राज्य सरकार के नीतिगत और प्रशासनिक कार्यों को निपटाया जाएगा। तीनों दिनों के दौरान राज्य सरकार द्वारा विभिन्न सरकारी विधेयक पेश किए जाएंगे और उन पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ALSO READ: Gen Z के मुद्दों पर विपक्ष को जवाब देंगे पीएम मोदी: 11 साल बाद वडोदरा में युवाओं के बीच भरेंगे हुंकार
प्रधानमंत्री के दौरे के कारण सत्र की तारीखों में बदलाव
मिल रही जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 8 सितंबर को तय हुए गुजरात दौरे को ध्यान में रखते हुए विधानसभा सत्र के समय-पत्रक में संशोधन करने का निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान विभिन्न राजनीतिक और सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन होना है, जिसमें राज्य के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी व्यवस्थाओं में व्यस्त रहेंगे। इसी वजह से सत्र की शुरुआत 8 सितंबर के बजाय 9 सितंबर से रखी गई है। नई तारीखों की घोषणा के साथ ही विधानसभा सचिवालय द्वारा सभी विधायकों और संबंधित विभागों को नया शेड्यूल भेज दिया गया है।
पहले दिन दिवंगत नेताओं को शोक उल्लेख और श्रद्धांजलि
सत्र के शुरुआती दिन विधायी कार्य और अन्य संसदीय कार्यवाही शुरू होने से पहले सदन में नियमानुसार शोक उल्लेख पेश किया जाएगा। इस अवसर पर हाल के समय में दिवंगत हुए राज्य के पूर्व विधायकों, वर्तमान सदस्यों और महानुभावों को पूरे सदन द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं द्वारा दिवंगत नेताओं के राज्य के विकास और जनकल्याण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया जाएगा। इसके बाद सभी सदस्य दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे, जिसके बाद ही सदन की दैनिक कार्यवाही आगे बढ़ेगी।
जमीन टुकड़ा कानून संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश होने की संभावना
तीन दिवसीय इस सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा जनहित और भू-राजस्व (लैंड रेवेन्यू) सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखे जाने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से, राज्य के किसानों और भूमि स्वामियों से संबंधित 'जमीन टुकड़ा कानून संशोधन विधेयक' (Land Fragmentation Act Amendment Bill) सहित कुछ अन्य सुधार बिल पेश किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा, सत्र के दौरान विधायकों के लिए तारांकित प्रश्नकाल का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के मुद्दों, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा देखने को मिलेगी।

