महाराष्ट्र से फैला आंध्रप्रदेश, गुजरात, राजस्थान में पसर रहा Chandipura Virus, 48 घंटे में हो जाती है बच्चों की मौत
कैसे बचें Chandipura virus से, क्या कह रहे हैं डॉक्टर्स?
- गुजरात में वायरस से 6 बच्चें की मौत
- मध्यप्रदेश, राजस्थान और आंध्र में भी मिले केस
- बच्चों को बनाता है शिकार, बारिश में वायरस से ऐसे बचाए बच्चों को
छह बच्चों की मौत : गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल के मुताबिक राज्य में पिछले पांच दिन में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस से 6 बच्चों की मौत हो गई है, जिससे संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। इन 12 मरीजों में से चार साबरकांठा जिले से, तीन अरावली से और एक-एक महिसागर तथा खेड़ा से हैं। दो मरीज राजस्थान और एक मध्य प्रदेश से है। इनका उपचार गुजरात में हुआ। राज्य में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस के कारण छह लोगों की मौत होने की बात सामने आई है, हालांकि नमूनों की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि ये मौत चांदीपुरा वायरस के कारण हुई हैं या किसी दूसरी वजह से।
लक्षण दिखने के 48 घंटों में मौत : गुजरात के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कुछ ही दिनों में इसके 12 मामले सामने आ गए हैं। ऐसे में इस वायरस को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। ये वायरस इतना खतरनाक है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि संक्रमित बच्चों की लक्षण दिखने के 48-72 घंटों के भीतर ही मौत हो सकती है।
क्या हैं चांदीपुर वायरस के लक्षण : चांदीपुरा वायरस से बुखार आता है। इसके साथ फ्लू और तीव्र एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) जैसे लक्षण होते हैं। चांदीपुरा वायरस में अक्सर अचानक तेज बुखार आना, उसके बाद दौरे पड़ना, दस्त, मस्तिष्क में सूजन, उल्टी का होना शामिल है। यदि बच्चों में बुखार, उल्टी, दस्त, सिर दर्द और ऐंठन जैसे प्राथमिक लक्षण दिखाई देते हैं, तो तत्काल एक चिकित्सक को रेफर करें।
कैसे बचे चांदीपुर वायरस से : जनरल फिजिशियन डॉ प्रवीण दाणी ने बताया कि यदि किसी बच्चे में तेज बुखार, उल्टी, दस्त, सिर दर्द और ऐंठन जैसे प्राथमिक लक्षण दिखाई देते हैं, तो तत्काल डॉक्टर से मिलें। इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। डॉ जेपी पाल ने बताया कि बारिश के मौसम में बच्चों को मच्छर और मक्खी काटने से बचाए। घर में सफाई रखे जिससे मच्छर और मक्खी न हो। लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाए।
Edited By: Navin Rangiyal

