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Christmas 2025: क्रिसमस पर चर्च में कौनसे रीति रिवाज का करें पालन, जानिए

क्रिसमस
Christmas 2025: ईसाई धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है क्रिसमस। इस दिन प्रभु ईसा मसीह का जन्मदिन मनाया जाता है। उनके जन्मोत्सव पर घर और चर्च में खास तरह की परंपराओं का पालन करते हैं जो कि वक्त के साथ इस पर्व से जुड़ती गई। इस नियम और परंपराओं के बगैर अधूरा है क्रिसमय का पर्व।
 
1. क्रिसमस ट्री: सदाबहार क्रिसमस वृक्ष डगलस, बालसम या फर का पौधा होता है जिस पर सजावट की जाती है। क्रिसमस ट्री को रिबन, गिफ्ट, घंटी और लाइट्स लगाकर सजाया जाता है। यह क्रिसमस की परंपरा का अहम हिस्सा है। इसे चर्च और घर दोनों ही जगह पर सजाया जाता है। 
 
2. जिंगल बेल: गिरजाघरों में पारंपरिक तरीके से ईसा मसीह के लिए गाए जा रहे भक्ति गीत के अलावा ‘जिंगल बेल्स’, ‘ओह होली नाइट’ और ‘सैंटा क्लॉज इज कमिंग टु टाउन’ सरीखे गानों से भी माहौल खुशनुमा हो जाता है। यह भी क्रिसमस परंपरा का खास हिस्सा है।
 
3. रिंगिंग बेल्‍स: क्रिसमस के दिन घंटी को बजाने का भी रिवाज है जिसे रिंगिंग बेल कते हैं। यह बेल सदियों में सूर्य के लिए भी बजाई जाती है और खुशियों के लिए भी। मान्यता है कि घर को घंटियों से सजाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।
 
4. झांकियां: क्रिसमय के दौरान घर और चर्च में ईसा के जन्म की झांकिया बनाई जाती है जिसमें भेड़, गोशाला या घोड़ों के अस्तबल में बालक येशु को मदर मैरी के साथ दर्शाया जाता है। किसी बर्फ के क्षेत्र में सैंटा क्लॉज को उनके हिरणों के साथ दिखाया जाता है। इसी तरह की झांकियां होती हैं।
 
5. क्रिसमस कैरोल: इस दिन चर्च में विशेष तौर पर सामूहिक प्रार्थना भी की जाती है। इस दिन लोग चर्च जाते हैं और क्रिसमस कैरोल (धार्मिक गीत) गाते हैं। 
 
6. मोमबत्तियां: क्रिसमय पर गिरजाघरों यानी चर्च में जाकर लोग ईसा मसीह और मदर मैरी की मूर्ति के समक्ष मोमबत्तियां जलाकर अपनी खुशी का इजहार करते हैं। मान्यता है कि अलग-अलग रंगों की मोमबत्तियां जलाने से जीवन में खुशियां और सफलता आती हैं।
 
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