Christmas Festival Nibandh: प्रस्तावना: क्रिसमस (Christmas) विश्वभर में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है। यह मुख्य रूप से ईसाई धर्म से जुड़ा हुआ है, लेकिन अब पूरी दुनिया में विभिन्न समुदायों द्वारा इसे खुशी और उल्लास के साथ मनाया जाता है। क्रिसमस का पर्व ईसा मसीह के जन्म के दिन, यानी 25 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक भी है। यह दिन प्यार, भाईचारे, और दया की भावना को प्रकट करने का प्रतीक है। क्रिसमस का इतिहास: क्रिसमस का पर्व ईसा मसीह के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। ईसा मसीह का जन्म बेथलहम (Bethlehem) में हुआ था, जो कि आज इज़राइल में स्थित है। ईसा मसीह को ईसाई धर्म में भगवान का पुत्र माना जाता है, और उनका संदेश मानवता, प्रेम, और शांति का था। उनका जीवन और उपदेश आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। क्रिसमस की शुरुआत में धार्मिक गतिविधियां और चर्च में विशेष प्रार्थनाएं होती थीं, लेकिन समय के साथ यह एक सांस्कृतिक और पारिवारिक पर्व बन गया, जिसे हर वर्ग और समुदाय के लोग खुशी के साथ मनाने लगे। क्रिसमस का महत्व: क्रिसमस सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह मानवता और समाज सेवा का प्रतीक भी है। इस दिन सभी इंसानों के बीच प्यार और भाईचारे का संदेश दिया जाता है। यह हमें सिखाता है कि हमें अपनी व्यक्तिगत खुशियों को दूसरों के साथ साझा करना चाहिए, खासकर उन लोगों के साथ जो जीवन की कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। क्रिसमस पर्व की तैयारियां: क्रिसमस का त्योहार एक महीने पहले से ही मनाना शुरू हो जाता है। लोग क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा को अपनाते हैं, जो घरों में सुख, समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। इस पेड़ को चमकदार लाइट्स, रंग-बिरंगे गेंदे, सांता क्लॉस के चित्र और अन्य सजावटी सामान से सजाया जाता है। बच्चे क्रिसमस के दिन के इंतजार में रहते हैं, क्योंकि उन्हें इस दिन सांता क्लॉस द्वारा भेंट/ उपहार मिलने की उम्मीद रहती है। क्रिसमस कार्ड्स का आदान-प्रदान भी एक लोकप्रिय परंपरा है, जिसमें लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों को शुभकामनाएं भेजते हैं। इसके अलावा, लोग क्रिसमस डिनर की भी तैयारियां करते हैं, जिसमें विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट पकवान बनते हैं, जैसे कि केक, कुकीज़, पाई, स्मोक्ड चिकन आदि। क्रिसमस की धूम: क्रिसमस के दिन, पूरे शहर में एक खास तरह की धूम होती है। चर्चों में विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, और लोग वहां जाकर ईसा मसीह की पूजा और प्रार्थना करते हैं। बच्चों के बीच सांता क्लॉस का विशेष आकर्षण होता है। वे उन्हें उपहार देने के साथ-साथ उन्हें क्रिसमस के गीत गाने के लिए प्रेरित करते हैं। क्रिसमस के दिन सांता क्लॉस के चित्र हर जगह नजर आते हैं। वे लाल रंग के कपड़े पहने हुए होते हैं और उनके हाथों में उपहारों से भरी बैग होती है। बच्चे उन्हें देखकर खुशी से झूम उठते हैं और उनके उपहारों को प्राप्त करने के लिए इंतजार करते हैं। इसके साथ ही, शहरों और कस्बों की सड़कों और बाजारों को सजाने की भी परंपरा है। क्रिसमस लाइट्स से सजी दुकानों, इमारतों और घरों के दृश्य बहुत ही आकर्षक और रंगीन होते हैं। बाजारों में विशेष क्रिसमस ऑफर और डिस्काउंट भी दिए जाते हैं, जिससे लोग इस दिन की खरीदारी में व्यस्त रहते हैं। क्रिसमस के गीत और संगीत: क्रिसमस के दिन क्रिसमस कैरोल (Christmas Carols) गाने की परंपरा भी बहुत पुरानी है। ये गीत खुशी और आनंद का प्रतीक होते हैं। 'जॉय टू द वर्ल्ड', 'साइलेंट नाइट', 'हैप्पी क्रिसमस टू यू' जैसे गीतों का गायन चर्चों और सड़कों पर होता है। इन गीतों में प्रेम, शांति और मानवता का संदेश होता है, जो पूरे संसार में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है। क्रिसमस या बड़ा दिन की धूम हर दिल में उमंग और उल्लास भर देती है, और यह हमें यह याद दिलाती है कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज प्यार और साझा खुशी है। उपसंहार: इसके अलावा, यह पर्व हमें आध्यात्मिक शांति की ओर भी प्रेरित करता है। ईसा मसीह ने अपने जीवन में दया, क्षमा, और सहानुभूति का संदेश दिया था। उनके इस संदेश को क्रिसमस के माध्यम से आज भी फैलाया जाता है। यह दिन हमें शांति, प्यार, और मानवता का संदेश देता है। चाहे हम किसी भी धर्म या संस्कृति के हों, क्रिसमस हमें यह सिखाता है कि हमें एक-दूसरे के साथ मिलकर प्रेम और खुशी बांटना चाहिए। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Christmas 2025: दुनियाभर में हो रही है क्रिसमस की तैयारी, जानिए क्या है खास?