सम्बंधित जानकारी
- 370 रुपए बिरयानी विवाद: प्रणित मोरे पर एफआईआर, NCW का भी समन, स्टैंडअप कॉमेडियन ने मांफी माफी
- 'काला हिरण' का टीजर रिलीज होते ही हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान, मेकर्स को नोटिस जारी
- 'रामायण' के लक्ष्मण सुनील लहरी बने किसान, ऑर्गेनिक फार्महाउस का वीडियो वायरल
- एम्बियंस से वेलकम टू द जंगल तक, 5 फिल्में जिन्होंने सबसे लंबे ट्रेलर्स का रिकॉर्ड बनाया
- 'पेड्डी' बनी 2026 की नंबर 1 साउथ फिल्म, 9 दिन में किया इतना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन
आसमान छूने की चाहत से कोडिंग सिखाने तक, सुशांत सिंह राजपूत के वो 50 सपने जो अधूरे रह गए
14 जून का दिन आते ही भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक ऐसा पन्ना सामने आता है, जिसे याद कर आज भी आंखें नम हो जाती हैं। इसी दिन बॉलीवुड के सबसे होनहार और जिंदादिल अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।
सुशांत के जाने का गम इसलिए भी गहरा है क्योंकि वे सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक दूरदर्शी विचारक, खगोल प्रेमी और असीमित जिज्ञासा से भरे इंसान थे। निधन से कुछ समय पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी '50 ख्वाहिशों' की एक बकेट लिस्ट शेयर की थी, जो आज भी उनके फैंस के दिलों को झकझोर देती है। आइए जानते हैं उस अधूरी लिस्ट के बारे में, जो यह बताती है कि सुशांत सबसे कितना अलग सोचते थे।
इस लिस्ट में सुशांत ने प्लेन उड़ाने, लेफ्ट हैंड से क्रिकेट खेलने से लेकर ट्रेन से यूरोप जाने तक की इच्छा जाहिर की थी। इसके अलावा वे पर्यावरण के लिए भी योगदान देना चाहते थे और 1000 पेड़ों को लगाने की तैयारी कर रहे थे। इसके अलावा वे लेफ्ट हाथ से क्रिकेट खेलना भी सीखना चाहते थे।
सुशांत की इस लिस्ट में स्वामी विवेकानंद पर डॉक्यूमेंट्री, सिमेटिक्स पर प्रयोग, ट्रेन से यूरोप की यात्रा, डिफेंस फोर्स के लिए स्टूडेंट्स को तैयारी कराना, महिलाओं को आत्मसुरक्षा की ट्रेनिंग देना और क्रिया योगा सीखना जैसी गतिविधियां भी शामिल थी।
सुशांत की यह लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती वे 6 हफ्ते में सिक्स-पैक ऐब्स बनाना चाहते थे, आंखों से लाचार लोगों को कम्प्यूटर कोडिंग सिखाना चाहते थे, इंडियन डिफेंस फोर्सेस के लिए बच्चों को तैयार करना चाहते थे। सुशांत किसी चैंपियन के साथ चेस खेलना चाहते थे, एक लैंबर्गिनी कार खरीदना चाहते थे, 10 तरह का डांस सीखना चाहते थे, डिज्नीलैंड जाना चाहते थे और ऐसे ही कुल 50 कामों की टू-डू-लिस्ट उन्होंने शेयर की थी।
यादों में जिंदा हैं सुशांत के सपने
सुशांत सिंह राजपूत अपनी इस 50 सपनों की लिस्ट में से महज 12 से 13 सपने ही पूरे कर पाए थे, जिसमें से प्लेन उड़ाने की शुरुआत, सर्न (CERN) लैबोरेटरी की विजिट और अपने पुराने इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में एक शाम बिताना शामिल था। बाकी के 37 सपने उनके साथ ही कहीं दूर सितारों की दुनिया में चले गए।
भले ही आज सुशांत हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी यह बकेट लिस्ट हर युवा को यह सीख देती है कि जिंदगी सिर्फ सांसें लेने का नाम नहीं, बल्कि बड़े सपने देखने और उन्हें खुलकर जीने का नाम है।
