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Condumb से समाज को आईना दिखाना चाहती हैं जयति भाटिया, एक वायरल तस्वीर ने बदल दी सोच
टीवी और फिल्म जगत की जानी-मानी अभिनेत्री जयति भाटिया इन दिनों अपनी शॉर्ट फिल्म 'कॉन्डम्ब' को लेकर चर्चा में हैं। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में स्वच्छता, जिम्मेदारी और नागरिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सवाल उठाती है। जयति का मानना है कि कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिनका लोग रोजाना सामना करते हैं, लेकिन उन पर खुलकर बात करने से बचते हैं। यही वजह है कि उन्होंने इस विषय पर बनी फिल्म का हिस्सा बनने का फैसला किया।
डेढ़ साल पुराने साथ से शुरू हुई फिल्म की कहानी
जयति भाटिया ने बताया कि उनकी मुलाकात फिल्म के निर्देशक कौशिक ठक्कर से एक धार्मिक प्रोजेक्ट के दौरान हुई थी। दोनों ने पहले 'कान्हा यूनिवर्स' से जुड़े एक प्रोजेक्ट पर काम किया और बाद में फूड-बेस्ड डिजिटल शो 'चटोरी जयति' में भी साथ काम किया। इसी दौरान कहानी और समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के बीच कौशिक ने उन्हें 'कॉन्डम्ब' का विचार सुनाया।
अभिनेत्री के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने फिल्म की कहानी सुनी, उन्हें महसूस हुआ कि यह ऐसा विषय है जिस पर लोग बात तो कम करते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में इसका सामना अक्सर करते हैं।
एक सोशल मीडिया पोस्ट ने सोचने पर किया मजबूर
जयति भाटिया ने हाल ही में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस फिल्म का संदेश आज पहले से कहीं ज्यादा प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने बताया कि उनके एक डॉक्टर मित्र ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें किसी ऊपरी मंजिल से फेंका गया इस्तेमाल किया हुआ कंडोम उनके बालकनी में रखे पौधों पर आकर गिर गया था।
जयति के अनुसार, उनके मित्र मुंबई के एक प्रतिष्ठित और संपन्न रिहायशी इलाके में रहते हैं। इस घटना ने उन्हें झकझोर दिया और यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर ऐसी लापरवाही शिक्षित और उच्च वर्गीय समाज में हो सकती है, तो अन्य इलाकों में लोगों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा।
सिर्फ घर साफ रखना ही जिम्मेदारी नहीं
अभिनेत्री का मानना है कि नागरिक जिम्मेदारी का मतलब केवल अपने घर को साफ-सुथरा रखना नहीं है। समाज में रहने वाले हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी है कि वह साझा स्थानों और आसपास के लोगों का भी सम्मान करे।
उनके मुताबिक, 'कॉन्डम्ब' इसी सोच को सामने लाने की कोशिश करती है। फिल्म स्वच्छता, जागरूकता, जिम्मेदार व्यवहार और सामाजिक सम्मान जैसे मूलभूत मूल्यों की बात करती है, जिन्हें अक्सर लोग रोजमर्रा की जिंदगी में नजरअंदाज कर देते हैं।
बातचीत शुरू करना चाहती है फिल्म
जयति भाटिया को उम्मीद है कि यह शॉर्ट फिल्म दर्शकों को उन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए प्रेरित करेगी, जिनसे लोग आमतौर पर बचते हैं। उनका मानना है कि फिल्मों के पास समाज को आईना दिखाने और बदलाव की शुरुआत करने की ताकत होती है। 'कॉन्डम्ब' भी इसी उद्देश्य के साथ बनाई गई है ताकि लोग अपने व्यवहार के सामाजिक प्रभाव को समझें और अधिक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
