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Author Rayna Susnna Johan 352.html
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रायना सुसन्ना जॉन
सैनिक की कामना...
सहमी हुई थी यह जमीन सहमा था सारा आसमां जीवन के इस मोड़ पर छाई गहरी खामोशियां।।
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दीपावली पर क्यों खास हैं महाराष्ट्र के मशहूर अनारसे? जानिए इस मिठाई की दिलचस्प कहानी
Diwali 2026: दीपावली का त्योहार मिठाइयों और पारंपरिक पकवानों के बिना अधूरा-सा लगता है। इस खास अवसर पर घरों में मठरी, शकरपारे, गुझिया, चिवड़ा और तरह-तरह के लड्डू बनाए जाते हैं। इन्हीं पारंपरिक मिठाइयों में अनारसे का भी खास स्थान है। अनारसे भारतीय खानपान की ऐसी पारंपरिक मिठाई है, जो अपने स्वाद और बनाने की अनूठी विधि के कारण खास पहचान रखती है। चावल के आटे और गुड़ या चीनी से तैयार होने वाली यह मिठाई अपने अनोखे स्वाद, खसखस की परत और कुरकुरी बनावट के लिए जानी जाती है। आइए जानते हैं महाराष्ट्र की इस मशहूर मिठाई की दिलचस्प कहानी...
दीपावली पर कैसे हुई शकरपारे बनाने की शुरुआत? जानिए इस पारंपरिक मिठाई की खासियत
Diwali 2026: दीपावली पर घरों में मिठाई, नमकीन, मठरी, चिवड़ा, लड्डू और गुझिया जैसे कई पकवान तैयार किए जाते हैं। ऐसे में शकरपारे अपनी सादगी और लंबे समय तक टिकने वाली प्रकृति के कारण खास जगह बनाते हैं। इन्हें चाय, दूध या अन्य पेय के साथ परोसा जा सकता है। त्योहार के दौरान रिश्तेदारों और मेहमानों को घर की बनी मिठाई खिलाने की परंपरा में भी इनका योगदान रहता है। मैदा, घी, चीनी और दूध से तैयार होने वाला यह कुरकुरा मीठा नाश्ता भारत के कई हिस्सों में दीपावली के दौरान बनाया जाता है। आइए जानते हैं इस पारंपरिक मिठाई की खासियत और इसे बनाने की आसान विधि के बारे में विस्तार से...
दीपावली पर गुझिया के बिना क्यों अधूरी है मिठाई की थाली? जानिए इसके पीछे की खास परंपरा
Diwali 2026: दीपावली का त्योहार रोशनी, खुशियों, मिठाइयों और पारंपरिक पकवानों का पर्व है। इस अवसर पर घरों में तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं। इनमें गुझिया का अपना अलग ही स्थान है। मैदा, मावा, चीनी, सूखे मेवे और इलायची से तैयार होने वाली गुझिया स्वाद में जितनी लाजवाब होती है, दिखने में भी उतनी ही आकर्षक लगती है। त्योहारों पर मेहमानों के स्वागत, पारिवारिक मेलजोल और मिठाइयों की थाली सजाने में इसका विशेष स्थान है। आइए जानते हैं इसके पीछे की खास परंपरा और बनाने की आसान विधि के बारे में विस्तार से...
दिवाली के पहले खरीदारी का पुष्य नक्षत्र कब से कब तक रहेगा, करें 4 उपाय- माता लक्ष्मी की मिलेगी कृपा
Pushya Nakshatra 2026: दिवाली से ठीक पहले इस बार 01 नवंबर 2026 (रविवार) को पुष्य नक्षत्र पड़ने के कारण अति दुर्लभ और महाफलदायी 'रवि पुष्य योग' का निर्माण हो रहा है। इस दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत करना अक्षय फल प्रदान करता है। 4 उपाय करके माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें।
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 31 अक्टूबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय
31 October 2026 Today Shubh Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 31 अक्टूबर, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।
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दिवाली कब है 2026 में, 08 या 09 नवंबर को?
When is Diwali in 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को प्रदोष और निशिथ काल में मनाई जाती है। इसका अर्थ है कि जिस दिन या दिनांक को अमावस्या तिथि प्रदोष और निशिथ काल में व्याप्त हो उस दिन या दिनांक को दीपावली का पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में दीपावली लक्ष्मी पूजन का मुख्य पर्व कब मनाया जाएगा 08 या 09 नवंबर 2026 को, जानिए सही दिनांक और पूजा का शुभ मुहूर्त।
दीपावली पर मिठाइयों के बीच चिवड़ा क्यों है जरूरी? जानिए इसके पीछे की खास वजह
Diwali 2026: दीपावली का त्योहार आते ही घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनाने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस अवसर पर चिवड़ा भी त्योहार के खास नमकीन व्यंजनों में शामिल है। चिवड़ा मुख्य रूप से पोहा यानी चपटे चावल से तैयार किया जाने वाला पारंपरिक भारतीय नमकीन व्यंजन है। चिवड़ा एक ऐसा स्वादिष्ट और कुरकुरा नाश्ता है, जिसे बच्चे, बड़े और बुजुर्ग सभी पसंद करते हैं। दीपावली पर चिवड़ा बनाने का एक खास कारण यह भी है कि इसे पहले से तैयार करके कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। मिठाइयों के बीच चिवड़ा क्यों है जरूरी.. आइए जानते हैं इसके पीछे की खास वजह...
नरक चतुर्दशी कब है 2026, 07 या 08 नवंबर को?
पांच दिनी दिवाली उत्सव में धनतेरस के बाद नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन हनुमान, श्रीकृष्ण, यमदेव और कालिका माता की पूजा होती है। इस दिन को छोटी दिवाली भी कहते हैं। यदि सूर्योदय के समय तिथि प्रारंभ होती है तो इस दिन रूप चौदस का अभ्यंग स्नान भी किया जाता है। इस पर यह पर्व कब मनाया जाएगा 07 नवंबर या कि 08 नवंबर को।
धनतेरस कब है 2026 में 6 या 7 नवंबर को?
Dhanteras kab hai 2026 mein: दीपावली के 5 दिनी उत्सव में धनतेरस का त्योहार प्रथम दिन त्रयोदशी तिथि में रहता है। इस दिन आरोग्य के देवता धन्वंतरि देव, धन के कोषाध्यक्ष कुबेर देव और मृत्यु के देवता यमदेव की पूजा होती है। यह पूजा खासकर प्रदोषकाल में रहती है। यदि त्रयोदशी तिथि के समय प्रदोषकाल हो तो उसी दिन इसकी पूजा होती है और यह त्योहार उसी दिन मनाया जाता है।
दीपावली पर क्यों बनाई जाती है मठरी? जानिए इसका महत्व और बनाने की आसान विधि
Diwali 2026: दीपावली का त्योहार आते ही घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनाने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस खास अवसर पर मठरी बनाने का भी अपना अलग ही महत्व है। उत्तर भारत से लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दीपावली के अवसर पर मठरी बनाने और मेहमानों को परोसने की परंपरा रही है। आइए जानते हैं इसका पारंपरिक महत्व और इसे बनाने की आसान विधि...
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