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Tue, 20 Oct 2026

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कुंभ कुंभ
विवाह और दांपत्य जीवन

कुंभ राशि के लोग स्वयं नियमों के प्रतिकूल जाने में बुराई नहीं समझते, परन्तु अपने जीवनसाथी से नियम पालन की आशा रखते हैं। लेकिन इनका उद्देश्य किसी को हानि पहुंचाने का कभी नहीं होता है। इन्हें स्वस्थ मनोवृत्ति वाले, न घबराने वाले तथा सीखने की इच्छा रखने वाले जीवनसाथी चुनने चाहिए। कुंभ राशि के जातक सैक्स तथा प्रेम को बौद्धिक प्रकाश में ग्रहण करते हैं, परन्तु अत्याधिक विश्लेषकवादी होने के कारण आत्म-प्रवंचना के शिकार बनते रहते हैं। इनके लिए विवाह का अर्थ प्रसन्नता, यात्रा, सन्तोष, परिहास आदि होता है। ये एक आदर्श सिद्ध हो सकते हैं। उत्सुकतापूर्ण प्रवृत्ति इन्हें भिन्न-भिन्न व्यक्तियों के सम्पर्क में ला सकती है। कुंभ राशि वालों के लिए विवाह एक समस्या जैसा होता है, क्योंकि उन्हें नवीनता की तलाश रहती है और नवीन सम्पर्को में ही उन्हें सुख मिलता है। लेकिन इससे परेशानी भी खड़ी हो सकती है अतः इन्हें भावुकता कम बरतनी चाहिए। प्रतिदान का इच्छुक रहना चाहिए, परन्तु ऐसा स्वार्थ के लिए न होकर सुधार के लिए ही होना चाहिए। मिथुन, तुला, वृश्चिक अथवा कुंभ राशि में जन्म लेने वालों के साथ इनका विवाह, मित्रता अथवा प्रेम संबंध स्थायी रहता है। इनकी सगाई या शादी की बात एक बार भंग हो जाती है, किन्तु दूसरी बार बनती है, तो यह शादी सुखद होती है।

वक्री शनि के चलते 4 राशियों को मिलेगा 11 दिसंबर तक फायदा, जल्दी से निपटा लें काम

वक्री शनि के चलते 4 राशियों को मिलेगा 11 दिसंबर तक फायदा, जल्दी से निपटा लें कामज्योतिष की दुनिया में 'कर्मफल दाता' और 'न्यायप्रिया' शनिदेव का हर कदम मानव जीवन की दिशा बदल देता है। फिलहाल शनिदेव देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में विराजमान हैं, जहाँ वे 3 जून 2027 तक रहेंगे। लेकिन इसी बीच, ग्रहों के मंत्रिमंडल में एक बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। 27 जुलाई 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक शनिदेव अपनी चाल बदलकर 'वक्री' यानी उल्टी दिशा में चलेंगे। वैसे तो शनि की टेढ़ी नज़र से लोग घबराते हैं, लेकिन इस बार की यह वक्री चाल सभी के लिए नुकसानदेह नहीं है। खास तौर पर चार भाग्यशाली राशियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम साबित नहीं होंगे। आइए जानते हैं कि 11 दिसंबर तक किन राशियों के अधूरे काम तेज़ी से पूरे होने वाले हैं: