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राहु और मंगल का षडाष्टक योग, देश और दुनिया में 20 दिनों तक मचाएगा तबाही

Mars and Rahu
Shadashtak Yoga of Mars and Rahu: जब भी कोई ग्रह एक दूसरे से छठे या आठवें भाव में होते हैं तो इसे षडाष्‍टक योग कहते हैं। क्रूर या अशुभ ग्रहों या नीच के ग्रहों का षडाष्टक योग अशुभ माना जाता है। वर्तमान में 3 अप्रैल से मंगल ग्रह अपनी नीच की राशि कर्क राशि में गोचर कर रहा है। इसके बाद 18 मई 2025 को राहु ग्रह कुंभ राशि में गोचर करने लगेगा तब मंगल और राहु का षडाष्‍टक योग बनेगा। जब भी जब भी मंगल का शनि, राहु और केतु के साथ टकराव होता है तो देश और दुनिया में आतंकी हमला और युद्ध जैसी घटनाएं होती हैं।
 
क्या होगा षडाष्टक योग का प्रभाव:
18 मई से 7 जून तक मंगल और राहु का षडाष्टक योग रहेगा। 7 जून को मंगल ग्रह कर्क से निकलकर सिंह में गोचर करेगा तब शनि के साथ उसका षडाष्टक योग बनेगा। हालांकि वर्तमान में तो 18 से 7 जून का समय, यानी करीब 20 दिनों तक ज्यादा अशुभ समय रहेगा। इस दौरान मौसम में अचानक से बदलाव होगा। प्राकृतिक आपदाएं बढ़ जाएगी, भूकंप और अग्निकांड के साथ ही घटना-दुर्घटनाएं भी बढ़ेगी। इसके चलते दो देशों के बीच तनाव चरम पर रहेगा। 
 
मंगल ग्रह साहस, पराक्रम, ऊर्जा, शक्ति, सामर्थ्य, संकल्प, युद्ध और क्रोध आदि का कारक ग्रह है। सभी जानते हैं कि कर्क राशि में मंगल नीच का प्रभाव देता है जो कि दे रहा है। यह वर्ष भी मंगल का है और हिंदू नववर्ष सूर्य का है। भारत की कुंडली में मंगल तीसरे भाव में नीच अवस्था में है। तीसरा भाव भाई बहन और पड़ोसी का भाव भी है। नीच अवस्था में होने के कारण कुछ पड़ोसी राष्ट्रों के कारण भारत परेशान रहेगा। इस दौरान कुछ पड़ोसी राष्ट्र समस्या पैदा तो करेंगे लेकिन भारत उन्हें मुंहतोड़ जवाब देगा क्योंकि भारत की कुंडली में और पीएम मोदी जी कुंडली में मंगल पराक्रम अवस्था में है। ऐसे में भारत हर तरह के उपद्रव को शांत करने में कामयाब होगा।
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