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योगी सरकार ने बदली सरकारी विद्यालयों की तस्वीर, कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से मिली नई पहचान

Yogi government has transformed face of government schools
- योगी सरकार के ऑपरेशन कायाकल्प से 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का हुआ कायाकल्प, संतृप्तिकरण 36 प्रतिशत से बढ़कर 96.30 के पार
-प्रोजेक्ट अलंकार से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लास और अन्य आधुनिक सुविधाओं का हुआ व्यापक विस्तार
- योगी सरकार के प्रयासों से स्मार्ट स्कूल, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय और पीएम श्री विद्यालय बन रहे गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के नए केंद्र
- बालिका शिक्षा, एफएलएन आधारित शिक्षक प्रशिक्षण और तकनीक आधारित शिक्षण को मिली नई गति, सरकारी विद्यालयों में मजबूत हो रहा सीखने का माहौल
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सरकारी विद्यालयी शिक्षा में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहा है। सरकार ने केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया है। बेसिक शिक्षा विभाग में ऑपरेशन कायाकल्प और माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से विद्यालयों का स्वरूप बदला है। पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशालाएं, स्मार्ट कक्षाएं, अतिरिक्त कक्ष, डिजिटल संसाधन और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं ने सरकारी विद्यालयों में नया शैक्षणिक वातावरण तैयार किया है।
 
ऑपरेशन कायाकल्प ने परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अंतर्गत 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया जा चुका है। वर्ष 2017-18 में जहां विद्यालयों का संतृप्तिकरण 36 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर 96.30 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। बच्चों के लिए 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की कार्यवाही तेजी से चल रही है।
1.30 लाख से अधिक विद्यालयों में पुस्तकालय स्थापित किए जा चुके हैं। हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित हैं। इसके साथ ही 4.50 लाख से अधिक शिक्षकों को एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) आधारित प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इससे प्रारंभिक कक्षाओं में भाषा और गणित की बुनियादी दक्षताओं को सुदृढ़ करने में मदद मिली है।
 
विद्यालयों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए सरकार ने कई नई पहल शुरू की हैं। प्रदेश के 75 जिलों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 141 विद्यालयों के लिए भूमि चयन पूरा हो चुका है। इसके साथ 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं।
इन्हें चरणबद्ध रूप से कक्षा 6 से 12 तक उच्चीकृत किया जा रहा है। जिन विकास खंडों में केजीबीवी नहीं हैं, वहां नए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है। इससे बेटियों को सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध होगा।
 
प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रदेश में 29,216 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें 2,460 राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेज शामिल हैं। सरकार ने 41 नए राजकीय इंटर कॉलेज तथा 215 राजकीय हाईस्कूल का निर्माण पूरा कराया है। 60 नए राजकीय इंटर कॉलेजों को स्वीकृति प्रदान की गई है तथा 280 नए विद्यालय संचालित किए गए हैं।
2,383 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों और 590 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया गया है। विद्यार्थियों के लिए 778 आईसीटी लैब और 1,236 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। इससे सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
 
प्रदेश के 1,722 पीएम श्री विद्यालयों में 1,565 बेसिक शिक्षा विभाग तथा 157 माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप आधुनिक शिक्षण संसाधन, नवाचार आधारित शिक्षण, कौशल विकास और समग्र शिक्षा पर विशेष बल दिया जा रहा है। इससे सरकारी विद्यालय गुणवत्तापूर्ण और भविष्य उन्मुख शिक्षा के नए केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी का कहना है कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करने के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा का वातावरण देना है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार ने विद्यालयों की पहचान बदल दी है।

आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, प्रशिक्षित शिक्षकों, आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर सीखने के अवसर मिल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्ट शिक्षा का केंद्र बनाना है, ताकि प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सके।
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