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यूपी में शुरू होगा 'जहर मुक्त भोजन' का मेगा कैंपेन, गो सेवा आयोग ने तैयार की कार्ययोजना

Mega campaign for toxin free food will be launched in Uttar Pradesh
- मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर गो संरक्षण से रोजगार, प्राकृतिक खेती और स्वदेशी ऊर्जा मॉडल तैयार
- गोशालाओं के पांच किलोमीटर दायरे में रहने वाले परिवारों को उत्पाद पहुंचाकर होगी शुरुआत
- उत्‍तर प्रदेश में मेगा कैंपेन चलाकर घर-घर पहुंचाया जाएगा ‘जहर मुक्त भोजन’
- शुद्ध खाद्य पदार्थों के बड़े सप्लाई सेंटर के रूप में विकसित की जाएंगी गोशालाएं
Uttar Pradesh news : प्रदेश में ‘जहर मुक्त भोजन’ का मेगा कैंपेन शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसके तहत अब लोगों की थाली तक सीधे खेतों से निकला शुद्ध और जहरमुक्त भोजन पहुंचाया जाएगा। इस पूरे महाभियान का केंद्रबिंदु उत्तर प्रदेश की गोशालाएं होंगी, जिन्हें अब सिर्फ गोसंरक्षण ही नहीं, बल्कि शुद्ध खाद्य पदार्थों के बड़े सप्लाई सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
 
पहले चरण में चयनित गोशालाओं के 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को इस महा अभियान से जोड़ा जाएगा। इन परिवारों तक प्राकृतिक खेती से उपजे खाद्यान्न, ताजी सब्जियां, फल और पंचगव्य आधारित उत्पाद सीधे पहुंचाए जाएंगे। गो सेवा आयोग ने इसके लिए ‘फार्म टू कंज्यूमर’ (खेत से सीधे उपभोक्ता तक) मॉडल तैयार किया है। इससे उपभोक्ताओं को सही कीमत पर और किसानों को उनकी उपज का और बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
 
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य हर नागरिक को बीमारियों से बचाना और उन्हें ‘जहर मुक्त भोजन’ उपलब्ध कराना है। सबसे पहले चयनित गोशालाओं के आसपास के परिवारों से इसकी शुरुआत होगी। यह मॉडल गोशालाओं को ग्रामीण समृद्धि और सेहत का नया केंद्र बनाएगा।
 

‘जहर मुक्त भोजन’ मिशन की विशेषताएं 

जैविक खाद्य : गोशालाओं के सहयोग से तैयार होने वाली 100% जैविक सब्जियां, फल और अनाज सीधे घरों तक पहुंचेंगे।

पहला टारगेट रेडियस : शुरुआती फेज में गोशाला के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।

मल्टी-प्रोडक्ट बास्केट : अनाज-सब्जियों के अलावा औषधीय उत्पाद, पंचगव्य घी, और शुद्ध दूध भी इस चेन का हिस्सा होंगे।

स्थायी बाजार : केमिकल-फ्री उत्पाद तैयार करने वाले स्थानीय किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, गोशालाएं ही उनका बाजार बनेंगी।
 

ग्रामीण स्तर पर पैदा होंगे बंपर रोजगार

गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि ‘जहर मुक्त भोजन’ के इस पूरे चक्र को चलाने के लिए बड़े पैमाने पर स्थानीय युवाओं को प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण स्तर पर बंपर रोजगार पैदा होंगे। प्रदेश में यह प्रयोग देश के सामने 'सेहत और समृद्धि' का एक अनूठा उदाहरण बनने जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour
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