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Last Modified: मुंबई , शनिवार, 9 अगस्त 2025 (12:00 IST)

ट्रंप टैरिफ ने निवेशकों को डराया, शेयर बाजार 3 माह के निचले स्तर पर, कैसा रहेगा अगला सप्ताह?

लगातार 6 हफ्तों से गिर रहा है शेयर बाजार, यह फैक्टर्स तय कर रहे बाजार की चाल

market ki baat
Market ki Baat Share market review: अमेरिकी शुल्क संबंधी चिंताओं और वैश्विक बाजारों में व्यापक बिकवाली की वजह से इस हफ्ते में भी भारतीय शेयर बाजार में नकारात्मक धारणा हावी रही। ट्रंप द्वारा भारत पर सबसे ज्यादा 50 फीसदी टैरिफ की घोषणा के बाद निवेशकों ने बाजार में जमकर मुनाफा वसूली की। सेंसेक्स और निफ्टी 3 माह के निचले स्तर पर पहुंच गए। जानिए आने वाले हफ्ते में कैसा रहेगा मार्केट ट्रैंड और क्या करें निवेशक?
 
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल : सोमवार को हफ्ते के पहले दिन 4 अगस्त को शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल दिखाई दिया। सेंसेक्स 418.81 अंक उछलकर 81,018.72 अंक पर बंद हुआ तो निफ्टी भी 157.40 अंक चढ़कर 24,722.75 अंक पर रहा। अगले 2 दिन बाजार में गिरावट दिखाई दी। 5 अगस्त को सेंसेक्स 308.47 अंक टूटकर 80,710.25 अंक पर था तो निफ्टी 73.20 अंक के नुकसान से 24,649.55 अंक पर। 6 अगस्त को भी सेंसेक्स 166.26 अंक टूटा तो निफ्टी में भी 75.35 अंकों की गिरावट दिखाई दी।

7 अगस्त को ट्रंप टैरिफ लगने की वजह से पूरे दिन बाजार दबाव में रहा। हालांकि आखिरी 1 घंटे में आई जबरदस्त तेजी की वजह से सेंसेक्स 79.27 अंक की बढ़त के साथ 80,623.26 अंक पर पहुंचे। निफ्टी भी 21.95 अंक चढ़कर 24,596.15 अंक पर पहुंच गया। हफ्ते के आखिरी दिन निवेशकों ने जबरदस्त बिकवाली की। सेंसेक्स 765.47 अंक लुढ़क कर 79,857.79 अंक और निफ्टी 232.85 अंक का गोता लगाकर 24,363.30 अंक पर बंद हुआ। इस हफ्ते सेंसेक्स में 742.12 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि निफ्टी 202.05 अंक यानी 0.82 प्रतिशत के नुकसान में रहा। इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार 3 माह के निचले स्तर पर बंद हुए।
 
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल : विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी रहने और अमेरिकी शुल्क से जुड़ी चिंताओं के बीच लगातार 6ठे हफ्ते भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। ट्रंप द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ की घोषणा और विवाद न सुलझने तक कोई भी व्यापार वार्ता न होने संबंधी चेतावनी से बाजार धारणा प्रभावित हुई। अमेरिका की तरफ से भारतीय आयात पर घोषित शुरुआती 25 प्रतिशत शुल्क गुरुवार से लागू हो गए। वहीं रूसी तेल खरीदने पर अलग से लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क 27 अगस्त से लागू होने वाले हैं।
 
विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभालने का भरसक प्रयास किया। हफ्ते के पहले 4 दिन बाजार में ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं रहा। हालांकि आखिरी दिन आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों की निराशा को बढ़ाया। रिजर्व बैंक की स्थिर रेपो दर का फैसला भी बाजार की उम्मीदों के अनुरूप ही रहा।
 
कैसा रहेगा अगला हफ्ता : ट्रंप द्वारा भारत पर बढ़ाए गए दबाव की वजह से अगले हफ्ते भी निवेशकों को सर्तक रहने की आवश्यकता है। अगले हफ्ते होने वाली ट्रंप और पुतिन की बातचीत भी बाजार की चाल को प्रभावित कर सकती है। ट्रंप टैरिफ की वजह से कपड़ा, समुद्री उत्पाद और चमड़ा निर्यात जैसे क्षेत्रों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
 
सकारात्मक रही NSDL की लिस्टिंग : नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) का शेयर बुधवार को अपनी बाजार सूचीबद्धता के दिन शानदार शुरुआत करते हुए निर्गम मूल्य के मुकाबले 17 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ। बीएसई पर एनएसडीएल के कारोबार की शुरुआत 880 रुपए प्रति शेयर के भाव पर हुई, जो 800 रुपए के निर्गम मूल्य से 10 प्रतिशत अधिक है। कारोबार के अंत में एनएसडीएल का शेयर 17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 936 रुपए के भाव पर बंद हुआ था। हफ्‍ते के अंत में यह 1300.30 पर पहुंच गया। 
 
पोर्टफोलियो प्रबंधकों से क्या बोले सेबी प्रमुख : सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडेय ने पोर्टफोलियो प्रबंधकों को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए डिजिटल समाधान के जरिये नियुक्ति, रिपोर्टिंग और ग्राहक जुड़ाव को आधुनिक बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कुछ पंजीकृत पोर्टफोलियो प्रबंधकों के भ्रामक दावों पर लगाम लगाई जानी चाहिए। इस तरह के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए प्रदर्शन के दावे विश्वास को कम करते हैं और इस उद्योग की वृद्धि को रोक सकते हैं।
 
क्या कहते हैं एक्सपर्ट : मार्केट एक्सपर्ट मनीष उपाध्याय ने कहा कि बाजार में नकारात्मक धारणा हावी रही। ट्रंप टैरिफ के साथ ही उनकी बयानबाजी भी शेयर बाजार को झटके लगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप टैरिफ का जितना असर होना था हो चुका। अब आगे बाजार सकारात्मक रहने की उम्मीद है। हालांकि आईटी, फार्मा सेक्टर पर अभी भी दबाव बना हुआ है। बैंकिंग सेक्टर समेत अन्य सैक्टर बाजार को सकारात्मक दिशा की ओर मोड़ सकते हैं। 
 
उपाध्याय ने कहा कि अब बाजार प्रधानमंत्री मोदी की ओर उम्मीद से देख रहा है। निवेशकों को उम्मीद है कि भारत रूस और चीन की मदद से अमेरिका को टैरिफ का करारा जवाब देगा। ट्रंप और पुतिन की 15 अगस्त को होने वाली बैठक पर भी सभी की नजरें रहेगी।
edited by : Nrapendra Gupta 
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