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9 अप्रैल 2021 को है माता हिंगलाज जयंती, जानिए 10 रहस्य

बुधवार,अप्रैल 7, 2021
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हनुमानजी के देशभर में हजारों मंदिर है उनमें से सैंकड़ों सिद्ध मंदिर है। शनिदेव और हनुमानजी से जुड़े मंदिर भी सैंकड़ों होंगे, उन्हीं मंदिरों में से एक मंदिर हरै गुजरात क सारंगपुर स्थित कष्टभंजन हनुमान दादा महाराज का मंदिर। आओ जानते हैं इस संबंध में ...
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शिवलिंग पर अक्सर जल और बिल्वपत्र तो चढ़ाया ही जाता है लेकिन इसके अलावा भी बहुत कुछ अर्पित किया जाता है। शिवजी का कई प्रकार का द्रव्यों से अभिषेक किया जाता है। सभी तरह के अभिषेक का अलग-अलग फल दिया गया है। शिव पुराण अनुसार किस द्रव्य से अभिषेक करने से ...
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हनुमानजी के देशभर में हजारों मंदिर है उनमें से सैंकड़ों सिद्ध मंदिर है। राजस्थान में भी हनुमानजी के कई जागृत मंदिर है और उनमें से दो बहुत ही प्रसिद्ध है पहला मेहंदीपुर बालाजी हनुमान मंदिर और दूसरा बालाजी हनुमान मंदिर, सालासर राजस्थान। आओ जानते हैं ...
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मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासियों में होली की खासी धूम होती है। मध्यप्रदेश में झाबुआ के आदिवासी क्षेत्रों में भगोरिया नाम से होलिकात्सव मनाया जाता है। होलिका दहन से 7 दिन पूर्व शुरू होने वाले इस भगोरिया पर्व में युवा वर्ग की भूमिका खासी ...
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देशभर में हनुमानजी के कई चमत्कारिक मंदिर है और लगभग सभी मंदिर जागृत हैं। प्रत्येक मंदिर से कुछ ना कुछ इतिहास जुड़ा हुआ है। हनुमानजी परम ब्रह्मचारी और ईश्वरतुल्य हैं। हनुमानजी के चमत्कारिक सिद्धपीठों की संख्‍या सैकड़ों में है। उन सभी स्थानों पर ...
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मध्य प्रदेश के खजुराहो में स्थित है मतंगेश्वर का मंदिर। कहते हैं कि यह मंदिर 9वीं सदी में निर्मित हुआ था परंतु यहां का शिवलिंग बहुत ही प्राचीन है। इस शिवलिंग को महाभारत काल का बताया जाता है। इस मंदिर का नाम मतंगेश्वर महान मतंग ऋषि के नाम पर पड़ा है। ...
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गहन अंधेरी कंदरा में प्रवेश करते ही सामने एक विशाल शिवलिंग शक्तिपुंज-सा दृष्टिगोचर होता है। नीचे जलराशि में झिलमिलाते दीप एवं खिले कमल मन मंदिर को उल्लास से भर देते हैं। पुष्पों की सुवास से सुरभित पवन, तांबे के स्वर्ण जड़ित पात्र से लिंग पर टप-टप ...
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भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल उत्तरप्रदेश की प्राचीन धार्मिक नगरी वाराणसी में हजारों साल पूर्व स्थापित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर विश्वप्रसिद्ध है। हिन्दू धर्म में सर्वाधिक महत्व के इस मंदिर के बारे में कई मान्यताएं हैं। माना जाता है कि ...
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गुजरात प्रांत के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र के किनारे सोमनाथ नामक विश्वप्रसिद्ध मंदिर में यह ज्योतिर्लिंग स्थापित है। पहले यह क्षेत्र प्रभासक्षेत्र के नाम से जाना जाता था। यहीं भगवान्‌ श्रीकृष्ण ने जरा नामक व्याध के बाण को निमित्त बनाकर अपनी लीला ...
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मुरादाबाद-आगरा राजमार्ग पर सदत्बदी गांव में स्थित अतिप्राचीन पातालेश्वर मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां शिवलिंग पर झाडू चढ़ाने से जटिल से जटिल त्वचा रोग का समाधान हो जाता है। यूं तो यहां सालभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, मगर पवित्र श्रावण ...
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आप यह तो जानते ही होंगे कि महाराष्ट्र के एक गांव शनि शिंगणापुर में शनिदेव का सिद्ध स्थान है। यह बहुत ही चमरिक स्थान है। इसी तरह मध्यप्रदेश के ग्वालियर के पास स्थित है शनिश्चरा मन्दिर। इसके बारे में किंवदंती है कि यहां हनुमानजी के द्वारा लंका से ...
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गजानन महाराज का प्रकटोत्सव 4 से 6 मार्च 2021 तक मनाया जा रहा है। गजानन महाराज का जन्म कब हुआ, उनके माता-पिता कौन थे, इस बारे में किसी को कुछ भी पता नहीं।
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उत्तराखंड प्रदेश में हरिद्वार अर्थात हरि का द्वार है। हरि याने भगवान विष्णु। हरिद्वार नगरी को भगवान श्रीहरि बद्रीनाथ का द्वार माना जाता है, जो गंगा के तट पर स्थित है। इसे गंगा द्वार और पुराणों में इसे मायापुरी क्षेत्र कहा जाता है। यह भारतवर्ष के सात ...
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पौराणिक संदर्भों के अनुसार शबरी जाति से भीलनी थीं और उनका नाम था श्रमणा। रामायण में प्रसंग आता है कि भगवान श्रीराम ने शबरी के झूठे बैर खाएं थे। शबरी का भक्ति साहित्य में एक विशिष्ट स्थान है। उन्होंने कई भजन लिखे हैं।
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वैसे तीर्थराज तो प्रयाग है लेकिन संपूर्ण भारत में महाकाल की नगरी उज्जैन को सब तीर्थों में श्रेष्ठ माना जाता है जिसके कई कारण है। पहला यह कि यहां जितने प्रमुख और महत्वपूर्ण स्थान है उतने किसी तीर्थ क्षेत्र में नहीं। आओ जानते हैं उन्हीं में से 10 ...
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सोमनाथ, द्वारका, डाकोरजी आदि विश्व प्रसिद्ध मंदिरों की भूमि गुजरात धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। हम बात कर रहे हैं गुजरात के पोइचा में स्थित नीलकंठधाम की। 2013 में बना यह भव्य मंदिर अपनी अनुपम छटा और आधुनिकता के ...
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जापान में देवी सरस्वती का मंदिर ओसाका नामक स्थान पर मंदिर है।
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प्राचीनकाल से ही किसी भी धर्म के लोग सामूहिक रूप से एक ऐसे स्थान पर प्रार्थना करते रहे हैं, जहां पूर्ण रूप से ध्यान लगा सकें, मन एकाग्र हो पाए या ईश्वर के प्रति समर्पण भाव व्यक्त किया जाए इसीलिए मंदिर निर्माण में वास्तु का बहुत ध्यान रखा जाता है। ...
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यूं तो दक्षिण और उत्तर भारत में महालक्ष्मी माता के कई मंदिर है, जिनमें से कुछ तो बहुत ही प्राचीन है। मुंबई का महालक्ष्मी मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है। इसी तरह महाराष्ट्र में अष्‍टलक्ष्मी और अष्टविनायक के मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। परंतु इस बार जानिए ...
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