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कैंची धाम दर्शन के लिए कैसे पहुंचें, रुकने की व्यवस्था और जाने का सबसे सही समय क्या है?

Updated: बुधवार, 9 सितम्बर 2026 (12:36 IST)
हाल ही में हनुमान अंश नाम से एक मूवी बहुत ज्यादा पॉपुलर हो रही है जिसमें भारत के चमत्कारिक संत नीम करोली बाबा के जीवन के बारे में बताया गया है। यदि आप भी महाराजजी के भक्त हैं तो बाबा के धाम जरूर जाना चाहेंगे। नीम करोली बाबा का आश्रम कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है। यदि आप यहां दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो पहुंचने का तरीका, रुकने के विकल्प और सबसे सही समय से जुड़ी पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
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1. कैंची धाम कैसे पहुँचें? (How to Reach)

कैंची धाम मुख्य भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित है और देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
हवाई मार्ग से (By Air):
निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर (Pantnagar Airport - PGM) है, जो कैंची धाम से लगभग 70 किलोमीटर दूर है।
हवाई अड्डे से आप सीधे कैंची धाम के लिए प्राइवेट टैक्सियाँ (लगभग 2 से 2.5 घंटे) किराए पर ले सकते हैं।
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रेल मार्ग से (By Train):

निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम (Kathgodam - KGM) है, जो लगभग 38 किलोमीटर दूर है। दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों से काठगोदाम के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं।
काठगोदाम स्टेशन के बाहर से आपको कैंची धाम के लिए सीधी प्राइवेट टैक्सियाँ, शेयरिंग टैक्सियाँ या उत्तराखंड परिवहन की सरकारी बसें आसानी से मिल जाती हैं (समय: लगभग 1.5 से 2 घंटे)।
 

सड़क मार्ग से (By Road):

आप दिल्ली, देहरादून या लखनऊ से भवाली या नैनीताल के लिए बस ले सकते हैं।
मार्ग: दिल्ली से हापुड़ से मुरादाबाद से रामपुर से रुद्रपुर से हल्द्वानी से काठगोदाम से भवाली और अंत में कैंची धाम।
यदि आप नैनीताल शहर में हैं, तो वहाँ से कैंची धाम केवल 17 किलोमीटर दूर है और लोकल टैक्सियाँ या बसें हर समय उपलब्ध रहती हैं।
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2. रुकने की व्यवस्था (Accommodation)

विशेष नोट: कैंची धाम आश्रम के अंदर आम पर्यटकों के लिए स्थायी रूप से रुकने की व्यवस्था नहीं होती है। आश्रम में ठहरने के लिए पहले से विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। इसलिए अधिकांश श्रद्धालु आश्रम के आसपास या नजदीकी कस्बों में ठहरते हैं:
 

कैंची धाम/भवाली क्षेत्र (आश्रम के पास):

आश्रम के 1 से 3 किलोमीटर के दायरे में कई निजी होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे (Homestays) उपलब्ध हैं।
भवाली (Bhawali), जो कैंची धाम से केवल 8 किलोमीटर दूर है, ठहरने के लिए सबसे सुविधाजनक जगह है। यहाँ हर बजट के होटल मिल जाते हैं।
 

नैनीताल या भीमताल में ठहरना:

यदि आप यात्रा के साथ पर्यटन का आनंद भी लेना चाहते हैं, तो आप नैनीताल (17 किमी) या भीमताल (20 किमी) में रुक सकते हैं। यहाँ से सुबह टैक्सियों के माध्यम से दर्शन के लिए कैंची धाम आया जा सकता है।
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3. जाने का सबसे सही समय (Best Time to Visit)

कैंची धाम में साल भर मौसम सुहावना रहता है, लेकिन यात्रा के लिए सबसे उत्तम समय नीचे दिए अनुसार है:
मार्च से जून (सर्वश्रेष्ठ समय):
इस समय यहाँ का मौसम बहुत सुहावना होता है (तापमान 15°C से 25°C)। मैदानी इलाकों की गर्मी से बचने और दर्शन करने के लिए यह सबसे आदर्श समय है।
 

15 जून (वार्षिक स्थापना दिवस/मेला):

15 जून को कैंची धाम का वार्षिक प्रतिष्ठा दिवस मनाया जाता है। इस दिन यहाँ विशाल मेले का आयोजन होता है और लाखों की संख्या में श्रद्धालु मालपुए का प्रसाद ग्रहण करने आते हैं। यदि आप भक्ति का भव्य रूप देखना चाहते हैं तो 15 जून को जाएँ, लेकिन ध्यान रखें कि इस दिन अत्यधिक भीड़ और ट्रैफिक रहता है।
 

सितंबर से नवंबर (शांति और प्राकृतिक सुंदरता):

मानसून के ठीक बाद का यह समय आश्रम दर्शन के लिए बेहद शांत और सुंदर होता है। भीड़ कम होती है और मौसम में हल्की गुलाबी ठंड की शुरुआत हो जाती है।
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दिसंबर से फरवरी (कड़ाके की ठंड):

इन महीनों में यहाँ काफी ठंड होती है। यदि आप ठंड का आनंद लेना चाहते हैं, तो भारी ऊनी कपड़ों के साथ इस दौरान भी जा सकते हैं।
सलाह: जुलाई और अगस्त (मानसून) के महीनों में पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड और भारी बारिश की संभावना रहती है, इसलिए यदि संभव हो तो इस दौरान यात्रा करने से बचें।

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