रिश्तों में क्यों होता है अलगाव?
ऋतु कौशिक
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आप कोशिश करते हैं कि किसी तरह रिश्ते को और लंबा खींचा जा सके, लेकिन आखिरकार एक दिन आपको लगता है कि अब अलग होना ही बेहतर है। प्रेम भरे किसी भी रिश्ते में अलगाव का कोई एक कारण नहीं होता। छोटी-छोटी बहस या तकरार का रोज का किस्सा बन जाना, एक-दूसरे की पसंद-नापसंद का एकदम भिन्न होना, धैर्य खो देना, शक करना तथा प्रेम की कमी महसूस करना...ऐसे कई कारण हैं, जिनके चलते आपसी संबंधों में कड़वाहट तथा दरारें पनपने लगती हैं।
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इस बारे में भी सोचना आवश्यक है कि आप जिस भावना में बह रहे हैं, वह प्रेम ही है या महज आकर्षण? जब रिश्ते जुड़ जाएं तो फिर एक-दूसरे को सामान्य भाव से अपनाना तथा एक-दूसरे को समझने का वक्त निकालना सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आप रिश्ते को अटूट बनाए रखना चाहते हैं तो आपसी सामंजस्य, एक-दूसरे की पसंद-नापसंद, एक-दूसरे की भावनाओं आदि जैसी बातों को महत्व देने के साथ ही आपसी प्रेम की गहराई भी बनाए रखनी होगी। आपस में बैठकर बातचीत करने और अपने लगाव या प्रेम को सहज भाव से प्रदर्शित करने के मौके निकालने से भी रिश्तों में दूरियों को बढ़ने से रोका जा सकता है।

