सरयू का जलस्तर घटा, लेकिन तटवर्ती इलाकों में दुश्वारियां बरकरार
Saryu river water level drops: अयोध्या समेत आसपास के जिलों में सरयू और राप्ती नदी का जलस्तर घटने से बाढ़ का खतरा टल गया है, लेकिन कछार के इलाकों में कीचड़, बीमारी और पशुचारे का संकट गहराया हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, अयोध्या में सरयू का जलस्तर घटकर 92.44 से 92.47 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले जलस्तर 92.540 मीटर तक पहुंच गया था। सरयू का यह स्तर खतरे के निशान से नीचे है, जबकि खतरे का निशान 92.730 मीटर है। जलस्तर इसके नीचे आने से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। दूसरी ओर, मेंहदावल क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर बीते 24 घंटों में 13 सेंटीमीटर नीचे आया है। ALSO READ: अयोध्या में सरयू खतरे के निशान के ऊपर, प्रभावितों को सरकार से मिली मदद
प्रभावित क्षेत्रों का हाल व जनजीवन पर असर
- गांवों से उतरा पानी : अयोध्या के रुदौली, संत कबीर नगर के धनघटा, अंबेडकरनगर, गोंडा और बस्ती के माझा क्षेत्रों से पानी उतरने लगा है।
- फसलें और भूसा बर्बाद : धनघटा तहसील क्षेत्र के 18 गांवों में पानी घटने के बाद जमीनी समस्याएं सामने आ रही हैं। नमी की वजह से घरों में रखा गेहूं और पशुओं का भूसा नष्ट हो गया है। कई लोगों के छप्पर गिर गए हैं।
- मच्छरों का प्रकोप : निचले इलाकों में कीचड़ और जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों- राम दरस, सजन लाल, राम भवन, दीनदयाल, बांकेलाल आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए एंटी-लार्वा छिड़काव का खास असर नहीं दिख रहा है।
प्रशासनिक तैयारी और राहत कार्य
जलभराव उतरने के बाद संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच के साथ ही दवाओं का छिड़काव भी कर रही हैं।
- राहत किट व पशु चारा : प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से राहत किट और मवेशियों के लिए सूखा भूसा वितरित किया जा रहा है।
- घाटों पर सतर्कता : अयोध्या में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग की गई है। जल पुलिस और SDRF की टीमें लगातार मुस्तैद हैं।
- तटबंधों की निगरानी : राप्ती नदी के तटबंधों पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनीष राय और विभागीय अधिकारी जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं तथा बाढ़ निरोधक कार्य करा रहे हैं।

