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बेबस मां की पुकार पर CM सोरेन का बड़ा एक्शन, ट्वीट के चंद घंटों में कलेक्टर ने पहुंचाई मदद
Hemant Soren takes action: झारखंड की राजधानी रांची के पिस्का नगड़ी से एक बेहद मार्मिक और दिल को झकझोर देने वाला मामला मामला सामने आया है। यहां दो मासूम बच्चों की भूख मिटाने और उनका भविष्य बचाने के लिए एक मजबूर मां अपने बच्चों को अनाथालय भेजने की गुहार लगा रही थी। सोशल मीडिया पर इस बेबसी की कहानी सामने आते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत संज्ञान लिया, जिसके बाद प्रशासन ने चंद घंटों के भीतर पीड़िता तक मदद पहुंचाई।
क्या है पूरा मामला?
रांची के पिस्का नगड़ी की रहने वाली सीमा लोहरा के सिर पर पिछले साल दिसंबर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब मुफलिसी (गरीबी) के बीच उनके पति की मौत हो गई। सीमा के दो मासूम बच्चे हैं—एक तीन साल का बेटा और दूसरा महज चार महीने का दूधमुंहा बच्चा। पति की मौत के बाद घर में कोई कमाने वाला नहीं बचा।
सीमा रोज अपनी गोद में चार महीने के बच्चे को लेकर काम की तलाश में निकलती थीं, लेकिन हर जगह से उन्हें निराशा ही हाथ लगी। स्थिति इतनी बदतर हो गई कि घर में चूल्हा जलना बंद हो गया। भूख और लाचारी से टूट चुकी सीमा लोहरा ने रोते हुए यहां तक कह दिया कि मेरे बच्चों को किसी अनाथालय में रख दीजिए, कम से कम उनका भविष्य तो बच जाएगा और उन्हें दो वक्त की रोटी मिल सकेगी। सोशल मीडिया पर जब यह मार्मिक अपील वायरल हुई, तो लोगों ने 'इंसानियत अभी जिंदा है' का संदेश देते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिया त्वरित संज्ञान
जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान में आया, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए। सीएम ने अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा उक्त मामले की जांच कर सीमा लोहरा बहन को हर जरूरी सरकारी योजना से तथा बच्चों को शिक्षा और आंगनवाड़ी से जोड़ने हेतु कार्रवाई कर सूचित करें।
चंद घंटों में मिली पेंशन और राशन
मुख्यमंत्री का निर्देश मिलते ही रांची के जिला कलेक्टर (डीएम) और उनकी टीम तुरंत एक्शन में आ गई। प्रशासन की टीम ने बिना वक्त गंवाए सीमा लोहरा के घर का रुख किया और उन्हें तत्काल राहत पहुंचाई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री को की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए श्रीमती सीमा देवी को तत्काल राशन उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही उनका राशन कार्ड हेतु अप्लाई करा दिया गया है और राज्य विधवा सम्मान पेंशन योजना की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।
बच्चों की पढ़ाई का भी जिम्मा उठाएगी सरकार
प्रशासन ने न सिर्फ सीमा के राशन और पेंशन की व्यवस्था की, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए भी कदम उठाए हैं। कलेक्टर के मुताबिक, बच्चों की शिक्षा और देखरेख के लिए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को कड़े निर्देश दे दिए गए हैं ताकि बच्चों को आंगनवाड़ी और स्कूल से जोड़कर बेहतर शिक्षा दी जा सके। प्रशासन के इस त्वरित और मानवीय कदम के बाद अब सीमा लोहरा को अपने बच्चों को खुद से दूर अनाथालय नहीं भेजना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के इस फैसले और जिला प्रशासन की मुस्तैदी की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
