गुजरात निकाय चुनाव में ओवैसी की पार्टी AIMIM को बड़ी सफलता, 12 में से 9 सीटों पर कब्जा

Last Updated: मंगलवार, 2 मार्च 2021 (22:45 IST)
अहमदाबाद। गुजरात निकाय चुनावों (Gujarat Civic Election 2021) में भी असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) को बड़ी सफलता मिली है।
मंगलवार को निकाय चुनावों की अब तक की मतगणना में अरावली की मोदासा नगरपालिका में ओवैसी की पार्टी ने 12 में से 9 सीटों पर कब्‍जा जमा लिया है। खबरों के मुताबिक एआईएमआईएम गोधरा में भी 7 सीटें जीत चुकी है। भरूच में ओवैसी एक सीट पर सफलता मिली है।
गोधरा में ओवैसी की पार्टी ने कुल 44 में से आठ नगर पालिका सीटों पर अपने उम्‍मीदवार उतारे थे। 8 में से 7
सीटों पर पार्टी को जीत मिली। भरूच में पार्टी आठ सीटों पर लड़ी थी, जिसमें से एक पर सफलता मिल चुकी है। ओवैसी ने मोदासा की जनता को खुद पर विश्‍वास करने के लिए शुक्रिया जताया है।

एआईएमआईएम के स्थापना दिवस के मौके पर हैदराबाद में पार्टी मुख्यालय में एक बैठक को संबोधित करते हुए राज्य इकाई का आभार जताया। ओवैसी कह चुके हैं कि उनकी पार्टी तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम सभी नागरिकों के कल्याण के लिए काम करती है, भले ही उनका मज़हब, क्षेत्रीय पहचान और समुदाय जो भी हो। ओवैसी ने गुजरात में भाजपा पर मुस्लिम बहुल इलाकों को विकास से उपेक्षित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा दल का नारा 'सब का साथ, सबका विकास है।'

कांग्रेस विधायक हारे :गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में एक ओर भाजपा को जीत मिली है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के खेमे में हारने वालो में एक मौजूदा विधायक एवं सात विधायकों के बेटे भी शामिल हैं। इस चुनाव में सबसे बड़ा झटका आनंद जिले के पेटलाड से तीन बार के कांग्रेस विधायक निरंजन पटेल को लगा है जिन्हें पेटलाड नगरपालिका के वार्ड संख्या दो और पांच से हार मिली है। उनके बेटे सौरभ पटेल को भी इसी नगरपालिका में भाजपा से हार मिली है।
आनंद के सोजित्रा से कांग्रेस विधायक पूनमभाई परमार के बेटे विजय परमार को भी भाजपा उम्मीदवार से तारापुर तालुका पंचायत के मोराज सीट से हार मिली है जबकि उनके भतीजे निकुंज परमार को भी हार का सामना करना पड़ा है।

खेडब्रह्मा से कांग्रेस विधायक अश्विन कोतवाल के बेटे यश कोतवाल को भी साबरकांठा के आदिवासी बहुत विजयनगर तालुका पंचायत के चैतरिया से हार मिली है। भिलोडा से कांग्रेस विधायक अनिल जोशियारा के बेटे केवल को भी अरावली जिले के भिलोड़ा तालुका पंचायत के उपसल सीट से हार का स्वाद चखना पड़ा है।
गिर सोमनाथ के उना से छह बार के कांग्रेस विधायक पंजा वंश के बेटे परेश वंश को भी भाजपा के प्रतिद्वंद्वी से राजपाड़ा से हार मिली है। देवभूमि द्वारका के खम्भालिया से कांग्रेस विधायक विक्रम मदम को जिला पंचायत के वडतारा सीट से बेटे करण की हार देखनी पड़ी है जबकि पूर्व गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया के भाई रामदेव मोढवाडिया को पोरबंदर तालुका पंचायत के किंदरखेड़ा सीट से हार का सामना करना पड़ा है।
भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक छोटे वसावा के बेटे दिलीप वसावा भी भरुच जिले के राजपरदी सीट पर चुनावी परीक्षा उत्तीर्ण करने में असफल रहे। संयोगवश भाजपा ने इस चुनाव में मौजूदा जनप्रतिनिधियों के बेटे-बेटियों को टिकट नहीं देने का फैसला किया था।



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