दिशा सालियान को न जानता था न कभी मिला, CBI FIR के बाद आदित्य ठाकरे का विरोधियों पर बड़ा हमला
Aaditya Thackeray Disha Salian case: शिवसेना (UBT) के विधायक और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने दिवंगत दिशा सालियान मौत मामले में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सीबीआई (CBI) द्वारा मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने के बाद आदित्य ठाकरे ने कहा कि राजनीतिक और निजी स्वार्थ के चलते बिना किसी सबूत के सालों से उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। दिशा फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की दोस्त और मैनेजर थीं।
शोर से अलग होकर तथ्यों पर बात करें
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए आदित्य ठाकरे ने लिखा कि करीब छह वर्षों से लगातार इस दुखद घटना से उनका नाम जोड़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आइए एक बार फिर शोर से अलग होकर तथ्यों की बात करें। मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही उन्हें जानता था। यह बिना किसी सबूत के चरित्र हनन का जानबूझकर किया गया प्रयास है। ALSO READ: दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़, CBI ने दर्ज की FIR, आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती समेत कई बड़े नाम जांच के घेरे में
उन्होंने आगे कहा कि निहित स्वार्थ वाले लोग दुष्प्रचार चला रहे हैं, लेकिन ऐसे प्रयासों से वे घबराने वाले नहीं हैं। राजनीतिक फायदे के लिए रची गई यह रणनीति पूरी तरह विफल होगी और वे हमेशा सच्चाई व नागरिकों के हक के लिए लड़ते रहेंगे।
12वीं मंजिल से गिरकर हुई थी दिशा की मौत
दिशा सालियान (28) की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित एक आवासीय इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के कारण हुई थी। शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत (ADR) माना था और बाद में आत्महत्या की बात कही थी। इसके महज एक सप्ताह बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे, जिसके बाद दोनों मामलों के बीच संबंध होने की अटकलें लगने लगी थीं। ALSO READ: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़, बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच की जिम्मेदारी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI एक्शन में
दिशा सालियान के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। अदालत ने 6 साल तक प्राथमिकी दर्ज न करने को लेकर मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में दर्ज की गई सीबीआई की इस एफआईआर में फिलहाल किसी को आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया है।

