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20वें दिन भी जारी सोनम वांगचुक का अनशन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष एकजुट, क्या बोले पवन खेड़ा?

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NEET परीक्षा मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 20वें दिन भी जारी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक से मुलाकात की। धीरे धीरे राजनीतिक पार्टियां सोनम वांगचुक के समर्थन में सामने आने लगी हैं। अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, राज ठाकरे समेत कई राजनीतिक दिग्गज सोनम वांगचुक का समर्थन कर चुके हैं। ALSO READ: 'आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए'— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील
 
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि हम सभी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंतित हैं। हमारा सामना एक बेहद असंवेदनशील सरकार से है, जो लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझती। ऐसी सरकार के सामने विरोध के तरीकों में बदलाव लाना होगा। इस सरकार के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालने से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।
 
कांग्रेस नेता ने कहा कि हम छात्रों की गूंज के नाम से एक अभियान चला रहे हैं। हमारे लोग सक्रिय रूप से सड़क, कैम्पस, हर जगह इस मुद्दे को उठा रहे हैं। हम सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग नहीं कर रहे बल्कि परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग भी कर रहे हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, किसी भी स्थिति में देश के इस अनमोल रत्न को खो नहीं सकते है, लेकिन देश के युवाओं के भविष्य को भी अधर में नहीं छोड़ सकते हैं। ALSO READ: सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्‍या अब तोड़ेंगे अनशन?
 

क्या बोले राज ठाकरे?

पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोनम वांगचुक को लेकर एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि सरकार ने शायद देश में विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ही समाप्त करने का फैसला कर लिया है। राज ठाकरे ने कहा कि यदि यह सरकार अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के दौरान मूक दर्शक बनी रह सकती है, तो नागरिकों के विरोध प्रदर्शन का उस पर आखिर क्या असर हो सकता है।
 
ठाकरे ने कहा कि वांगचुक के स्वास्थ्य से संबंधित रिपोर्ट और टेलीविजन पर दिखाई जा रही तस्वीरें निश्चित रूप से चिंताजनक हैं। यह कहना बेहद पीड़ादायक है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार ने सोनम वांगचुक को कुर्बान करने का फैसला कर लिया है और इसके साथ ही शायद देश में विरोध प्रदर्शन के लिए मौजूद लोकतांत्रिक अधिकार को भी समाप्त करने का निर्णय ले लिया है। 

केजरीवाल ने की वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग

दिल्ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि धर्मेंद्र प्रधान को तो इस्तीफा देना चाहिए और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाना चाहिए।

 

कैसी है सोनम वांगचुक की तबियत 

डॉ. सतीश लांबा ने कहा कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का यह 20वां दिन है। 17 जुलाई 2026 को सुबह 9:30 बजे तक, स्वास्थ्य से जुड़े मुख्य पैरामीटर इस प्रकार हैं: व्यक्ति का वजन 56.55 किलोग्राम है, जो पिछले 24 घंटों में 350 ग्राम कम हुआ है। ब्लड प्रेशर 108/68 है, ब्लड शुगर 80 mg/dL है और पल्स रेट 72 प्रति मिनट है। शरीर में पानी का स्तर ठीक है, लेकिन हल्की डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) देखी गई है। जैसा कि पहले बताया गया था, जब शरीर को ग्लूकोज, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट नहीं मिलते, तो शरीर में बदलाव आते हैं। शुरुआती चरण में फैट कम होता है, उसके बाद मसल्स कम होती हैं और यूरिन में कीटोन बॉडीज़ बनने लगती हैं। अब, इस तीसरे चरण में अंगों पर असर पड़ सकता है। मेडिकल टीम 24 घंटे नज़र रखे हुए है और लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।
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