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पानी की भाप छोड़ेगी, धुआं नहीं! पीएम मोदी ने दिखाई देश की पहली Hydrogen Train को हरी झंडी; जानें रूट और टाइमिंग

hydrogen train
Hydrogen Train : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद-सोनीपत के बीच हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। 82 करोड़ में बनी 10 कोच वाली इस ट्रेन में जींद से सोनीपत के बीच 89 किमी का किराया 25 रुपए होगा। इस ट्रेन का न्यूनतम किराया मात्र 5 रुपए हैं। इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि यह प्रदूषण फैलाने वाले धुएं की जगह सिर्फ पानी की भाप (Water Vapour) उत्सर्जित करती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन बिल्कुल शून्य हो जाता है। ALSO READ: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आज से शुरू: PM मोदी दिखाएंगे हरी झंडी, जानिए किराया, रूट, स्पीड और इसकी खासियत
 
पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित इस हाईड्रोजन ट्रेन को भारत में ही डिजाइन किया गया और भारत में ही बनाया गया है। इस ट्रेन में 2 हाइड्रोजन ड्राइविंग पावर कार (DPC) और 8 ट्रेलर कोच लगे हैं। यह पहल भारतीय रेलवे को 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर ले जाएगी।
 
hydrogen train info
जींद-सोनीपत रेलखंड पर चलने वाली इस ट्रेन में करीब 2600 यात्री पैसेंजर ट्रेनों की तरह सामान्य किराया देकर यात्रा कर सकेंगे। ये ट्रेन 14 स्टेशनों का सफर कराएगी। ट्रेन प्रतिदिन सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होकर 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी में सुबह 10:30 बजे सोनीपत से चलकर दोपहर एक बजे जींद पहुंचेगी। ट्रेन की अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। ALSO READ: दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन भारत में, जींद से पीएम मोदी ने गिनाईं रेलवे की बड़ी उपलब्धियां

जींद में सबसे बड़ा हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग सेंटर 

इस ट्रेन के लिए रेलवे ने जींद में भारत का सबसे बड़ा हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग सेंटर स्थापित किया है। यहीं पर कंप्रेस्ड हाइड्रोजन गैस को सुरक्षित रखा जाएगा और ट्रेन में भरा जाएगा। रिफ्यूलिंग के लिए हाइड्रोजन कंप्रेशन सिस्टम लगाया गया है।
 
hydrogen train

कैसे हैं सुरक्षा के इंतजाम?

रेलवे ने हाइड्रोजन गैस के सुरक्षित उपयोग के लिए कई सुरक्षा उपाय किए हैं। हाइड्रोजन उत्पादन, भंडारण और रिफ्यूलिंग स्टेशन पर हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर और फ्लेम डिटेक्टर लगाए गए हैं। हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग सिस्टम की 24 घंटे निगरानी की जाएगी।
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