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सोनम, सिया के बाद अब समि‍ता! इश्क में अंधी महिला अधिकारी ने 4 लाख की सुपारी देकर कराया पति का कत्ल

कटिहार मर्डर केस
Katihar Murder Case: बिहार के कटिहार से जो दास्तान निकलकर सामने आई है, उसने न सिर्फ कानून के रखवालों को हिलाकर रख दिया है, बल्कि रिश्तों पर से इंसान का भरोसा उठा दिया है। यह कहानी है— अंधे इश्क, सरकारी रुतबे, बेवफाई और एक बेगुनाह पति के बेरहम कत्ल की है। 
 
सुपौल में तैनात 'एमवीआई' (मोटर यान निरीक्षक) समिता कुमारी के पास रुतबा था, पैसा था और समाज में इज्जत थी। लेकिन इस रसूखदार मैडम के दिल के भीतर एक ऐसा राज दफन था, जिसकी भनक उसके पति देव कुमार गुंजन को भी नहीं थी। समिता का दिल नालंदा में बिजली विभाग के ग्रेड-वन टेक्नीशियन अजीत कुमार पर आ चुका था। मगर इस इश्क के बीच सबसे बड़ा रोड़ा था समिता का पति देव, जो कि जमुई में पदस्थापित था और अपनी पत्नी से बेपनाह मोहब्बत करता था। समिता और अजीत के लिए देव कुमार अब एक ऐसा कांटा बन चुका था, जिसे रास्ते से हटाए बिना उनके मिलन की अधूरी हसरत पूरी नहीं हो सकती थी। ALSO READ: केतन की हत्या से पहले सिया ने की केस स्‍टडी, वारदात के पहले पढ़ी थी इंदौर के राजा रघुवंशी हत्‍याकांड की खबरें

पति की जान की कीमत 4 लाख 

इश्क में अंधी हो चुकी मेमसाब और उसके टेक्नीशियन प्रेमी ने मिलकर एक ऐसी खौफनाक साजिश रची, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। समिता ने पति की जान की कीमत लगाई—पूरे 4 लाख रुपए। इस खूनी खेल को अंजाम देने के लिए हायर किया गया जहानाबाद के घोसी थाने का एक पुराना हिस्ट्रीशीटर और शार्प शूटर राजू कुमार, जो हाल ही में मर्डर के केस में जमानत पर बाहर आया था।

11 जून की वह काली रात...

देव कुमार गुंजन अपनी पत्नी समिता से मिलने के लिए बड़ी उम्मीदों और प्यार के साथ 'जनसाधारण एक्सप्रेस' में सवार हुआ। ट्रेन अपनी रफ्तार से दौड़ रही थी, लेकिन देव कुमार इस बात से बिल्कुल अनजान था कि उसकी मौत भी उसी ट्रेन में सफर कर रही है। जैसे ही ट्रेन मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के पास पहुंची, बोगी में अचानक चीख-पुकार मच गई। शूटर राजू कुमार ने तमंचा निकाला और चलती ट्रेन में देव कुमार को गोलियों से भून डाला। खून से लथपथ देव कुमार ने वहीं दम तोड़ दिया। ALSO READ: क्या शादीशुदा थी सिया गोयल? केतन अग्रवाल हत्याकांड में वॉट्सऐप चैट से खुला बड़ा राज

मगरमच्छ के आंसू और.... 

वारदात के बाद शातिर समिता ने फौरन एक लाचार और बेकसूर विधवा का मुखौटा पहन लिया। वह पुलिस के सामने छाती पीट-पीटकर रोने लगी। शुरुआत में पुलिस को भी लगा कि यह चलती ट्रेन में हुई डकैती की वारदात है। लेकिन कहते हैं न कि मुजरिम चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कोई न कोई सुराग छोड़ ही जाता है। कटिहार के रेल एसपी हरिशंकर कुमार और उनकी टीम को मैडम की ओवर-एक्टिंग और बयानों में झोल नजर आ गया।

मोबाइल ने उगल दिया 'काली रातों' का सच!

मामले की तह तक जाने के लिए रेल पुलिस ने स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। जब पुलिस ने समिता कुमारी का मोबाइल जब्त कर उसके 'कॉल डिटेल रिकॉर्ड' (CDR) और मोबाइल लोकेशन को खंगाला, तो पुलिस की आंखें फटी रह गईं। घटना के वक्त और उससे पहले, समिता के फोन से उसके प्रेमी अजीत और शूटर राजू के बीच लगातार रहस्यमयी और कोड-वर्ड्स में बातचीत हो रही थी। जब तकनीकी साक्ष्य सामने रखे गए, तो 'कातिल हसीना' का सारा नकाब उतर गया। ALSO READ: केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

सलाखों के पीछे पहुंचे गुनाहगार

पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे प्रेमी अजीत कुमार टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और कहा कि उसी ने समिता के साथ मिलकर इस खूनी ताने-बाने को बुना था। पुलिस ने शूटर राजू को भी दबोच लिया है। समिता कुमारी अब कानून के शिकंजे में है। जिस मांग के सिंदूर को उसने 4 लाख रुपए की सुपारी देकर मिटा दिया, अब उसी गुनाह की सजा काटने वह सलाखों के पीछे पहुंच चुकी है।
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