सोनम वांगचुक को मिला विपक्ष का साथ, केजरीवाल-अखिलेश ने की यह अपील, क्या अब तोड़ेंगे अनशन?
Sonam Wangchuk's protest : दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का विरोध प्रदर्शन पिछले 24 दिनों से चल रहा है। शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इस प्रदर्शन में 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच सोनम वांगचुक को विपक्ष का भी साथ मिल गया है। वांगचुक के अनशन पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है।
अखिलेश यादव ने एक्स ने कहा कि विश्व विख्यात सोनम वांगचुक जी से फोन पर बात करके उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना और उनसे अनशन तोड़ने की अपील की। उनके सत्याग्रह को हमारा खुला समर्थन है।
हमारा मानना है कि वो जनहित में इस आग्रह पर विचार करें। देश की संपूर्ण युवा शक्ति, उनके अभिभावकों, परिवार और परिजनों की आकांक्षा भी यही है क्योंकि उनके नैतिक बल की देश को बहुत आवश्यकता है अतः वो पूरी दुनिया से आ रहे निवेदनों को स्वीकार करते हुए अपना अनशन तोड़े दें, फिर कुछ दिनों का स्वास्थ्य लाभ लें और नई ऊर्जा का संचय करके पुनः नये आंदोलन में जुट जाएं। उनसे सविनय आग्रह है कि वो नकारात्मक, भ्रष्ट, बेईमान, लोकतंत्र विरोधी सांप्रदायिक भाजपा के विरुध्द हो रहे आंदोलनों को पूरे देश में विस्तारित कर जन-एकजुटता की अखंड कड़ी बनें।
नीट की परीक्षा के घोटाले के बाद मंदिर में चोरी के महापाप का भंडाफोड़ भी एक गहरा दिव्य-संकेत है। डॉक्टर को धरती पर भगवान के रूप में ही देखा जाता है। हम सब तो मंदिर और मेडिकल दोनों के गहरे संबंध में विश्वास करते हैं। धर्म के मनोबल का और चिकित्सा का मनोवैज्ञानिक संबंध भी होता है।
जिस तरह संपूर्ण विश्व का मीडिया श्री सोनम वांगचुक जी के लिए चिंतित दिखाई दे रहा है, उसका एक दूसरा पक्ष ये भी है कि इससे भाजपा राज में दुनिया भर में हमारे देश की डेमोक्रेटिक इमेज बुरी तरह खंडित हो रही है।
विश्व विख्यात श्री सोनम वांगचुक जी से फोन पर बात करके उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना और उनसे अनशन तोड़ने की अपील की। उनके सत्याग्रह को हमारा खुला समर्थन है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 14, 2026
हमारा मानना है कि वो जनहित में इस आग्रह पर विचार करें। देश की संपूर्ण युवा शक्ति, उनके अभिभावकों, परिवार और परिजनों की… pic.twitter.com/Fx5lGb9w7M
दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का विरोध प्रदर्शन पिछले 24 दिनों से चल रहा है। शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इस प्रदर्शन में 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस बीच सोनम वांगचुक को विपक्ष का भी साथ मिल गया है। वांगचुक के अनशन पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की है।
अखिलेश ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सोनम वांगचुक से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी कि लोकतंत्र के लिए।
अखिलेश ने कहा कि जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वे आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है। अखिलेश ने कहा कि जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। 'सत्याग्रह' का महत्व वो क्या जानें जो 'सत्ताग्रह' के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने भी की यह अपील
इसी बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के चल रहे विरोध प्रदर्शन को अपनी पार्टी का समर्थन दिया और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की। केजरीवाल ने एक कहा कि वे गुरुवार को जंतर-मंतर जाकर वांगचुक से मुलाकात करेंगे और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शन को समर्थन देंगे।
सोनम वांगचुक अपने फैसले पर अडिग
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नीट परीक्षा और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल से सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही है। उनका वजन 8.2 किलोग्राम कम हो चुका है। उनकी बिगड़ती सेहत ने समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन 59 वर्षीय वांगचुक अपने फ़ैसले पर अडिग हैं। उन्होंने कहा, मैंने जो शुरू किया है, उसे उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना होगा।

