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PM आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद एक्शन, प्रियंका भी हिरासत में, सोनिया गांधी थाने पहुंचीं

Rahul Gandhi Protest
पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम आवास के पास धरने पर बैठे राहुल गांधी को पुलिस उठाकर ले गई। जैसे ही पुलिस राहुल को उठाने आई, राहुल जमीन पर लेट गए। अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठा दिया। दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वे कायर हैं। वे डरे हुए हैं। हम उनसे नहीं डरते। वे हमसे डरते हैं। राहुल गांधी को मॉडल टाउन पुलिस थाने ले जाया गया। 
प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया है। कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं। लोक कल्याण मार्ग पर प्रोटेस्ट कर रहे और दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कुछ विपक्षी नेताओं को कुछ देर पहले पुलिस स्टेशन लाया गया। राहुल को छत्रपाल स्टेडियम में रखा गया है।

जैसे ही पुलिस राहुल को उठाने आई, राहुल जमीन पर लेट गए। इस पर पुलिस कर्मी उन्हें हाथ-पैर से पकड़कर उठाकर ले गए। प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया गया। राहुल गांधी को साथ देने पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस ने बस में बैठाया। 

 

 पढ़िए कांग्रेस के धरने से जुड़ा हर अपडेट

- राहुल गांधी को मॉडल टाउन पुलिस थाने ले जाया गया। 
- समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव को लोक कल्याण मार्ग पर प्रदर्शन वाली जगह से पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें बस के अंदर देखा गया।
-  कांग्रेस नेताओं को धरनास्थल से हटा रही है पुलिस
- तीनों नेताओं को बस में बैठाकर ले जाया गया। 
- राहुल गांधी और अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। 
- प्रियंका गांधी को भी वहां से हटाया गया।
- विपक्षी नेताओं को ले जा रही एक बस मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची। लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन करते समय पुलिस ने नेताओं को हिरासत में लिया।

RJD सांसद मनोज कुमार झा - सत्ता को सीधे तौर पर चुनौती

RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि केवल विपक्ष एकजुट नहीं हुआ है। संभवतः बीते 20 सालों में मैंने बहुत आंदोलन देखे हैं मैं ये विषय पढ़ाता भी हूं। मैंने ऐसा नैसर्गिक, स्वतः स्फूर्त लोगों का जमावड़ा नहीं देखा है। ये सत्ता को सीधे तौर पर चुनौती है। सीधे चुनौती है कि आप कितना पर्दा डाल लोगे? आप जिम्मेदारी तय करने से शुरूआत करें। प्रधानमंत्री बड़ी-बड़ी बाते करते हैं आपको बच्चों का दर्द नहीं दिखता? वे किसके बच्चे थे, आपसे क्या मांग रहे थे? 

जितेन्द्र सिंह बोले- बात से पलटे राहुल गांधी 

प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को नीट के मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए आश्वासन दिया गया, लेकिन फिर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी रख दी। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिक्ष का रवैया लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

धरनास्थल पर राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य वरिष्ठ नेता अकबर रोड के समीप अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे थे, जिसके बाद सरकार ने उनसे बातचीत के लिए उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा था।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया गया क्योंकि वह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं था और वहां धरने के कारण आम लोगों को असुविधा हो रही थी। सिंह के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार हो जाती है तो वह धरना समाप्त कर देंगे।
 
उन्होंने दावा किया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को यह आश्वासन दिया गया कि सरकार संसद में नीट और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने आरोप लगाया कि इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रख दी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं।
 
सिंह ने कहा कि जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि उन्होंने पहले केवल संसद में चर्चा की मांग की थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब उनकी मांगें बदल गई हैं। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से पीछे हटना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
 
उन्होंने कहा कि सरकार नीट और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस ने अब तक इस गंभीर विषय पर नियमों के तहत औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
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