2025 के आखिरी महीनों में नौकरी के बाजार में आएगी तेजी, ज्यादातर कंपनियां कर्मचारी बढ़ाने की इच्छुक
Job market News : भारत में 2025 के आखिरी महीनों में नौकरी के बाजार में तेजी आने की संभावना है। 'नौकरी डॉटकॉम' की 'नियुक्ति परिदृश्य पर छमाही रिपोर्ट में शामिल लगभग 72 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वे नई नौकरियों के जरिए अपने कार्यबल का विस्तार करना चाहती हैं। 2025 की दूसरी छमाही में भी नौकरी बाजार में अच्छी तेजी रहेगी। इसमें 94 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वे भर्तियां करने की योजना बना रही हैं। यह रिपोर्ट देश की विभिन्न क्षेत्रों की 1300 कंपनियों के सर्वेक्षण पर आधारित है। 87 प्रतिशत कंपनियों को एआई की वजह से बड़ी संख्या में नौकरी जाने का डर नहीं है, जो दुनियाभर में चल रही बातों से बिलकुल उलट है।
एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है। 'नौकरी डॉटकॉम' की 'नियुक्ति परिदृश्य पर छमाही रिपोर्ट में शामिल लगभग 72 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वे नई नौकरियों के जरिए अपने कार्यबल का विस्तार करना चाहती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की दूसरी छमाही में भी नौकरी बाजार में अच्छी तेजी रहेगी।
इसमें 94 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वे भर्तियां करने की योजना बना रही हैं। यह रिपोर्ट देश की विभिन्न क्षेत्रों की 1,300 कंपनियों के सर्वेक्षण पर आधारित है। आजकल कृत्रिम मेधा (एआई) से नौकरी जाने की बात बहुत चल रही है, लेकिन इस रिपोर्ट के मुताबिक 87 प्रतिशत कंपनियों को नहीं लगता कि एआई से नौकरियों में कोई बड़ी कमी आएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक इसके उलट, 13 प्रतिशत कंपनियों का मानना है कि एआई की वजह से नई तरह की नौकरियां पैदा होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, एआई से सबसे ज्यादा फायदा आईटी (42 प्रतिशत), एनालिटिक्स (17 प्रतिशत) और बिज़नेस डेवलपमेंट (11 प्रतिशत) जैसे क्षेत्रों को होगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनियों को खासतौर पर अनुभवी लोगों (4-7 साल का अनुभव) की तलाश है। 47 प्रतिशत कंपनियां अनुभवी लोगों को नौकरी पर रखना चाहती हैं। इसके अलावा, 29 प्रतिशत कंपनियां ऐसे लोगों को नौकरी देना चाहती हैं जिन्हें तीन साल तक का अनुभव है। वहीं आठ से 12 साल के अनुभव वाले लोगों की मांग सिर्फ 17 प्रतिशत और 13-16 साल के अनुभव वाले लोगों की मांग सिर्फ तीन प्रतिशत है।
नौकरी डॉटकॉम के मुख्य व्यवसाय अधिकारी पवन गोयल ने कहा, यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि 72 प्रतिशत कंपनियां सिर्फ पुरानी जगह भरने के बजाय नई नौकरियां पैदा करके अपनी टीम का विस्तार करना चाहती हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 87 प्रतिशत कंपनियों को एआई की वजह से बड़ी संख्या में नौकरी जाने का डर नहीं है, जो दुनियाभर में चल रही बातों से बिलकुल उलट है। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour