एकसाथ 178 विमान भर सकेंगे उड़ान, जानिए jewar Airport की खास बातें

Last Updated: गुरुवार, 25 नवंबर 2021 (12:56 IST)
नोएडा। उत्‍तरप्रदेश के 5वें अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे का शिलान्‍यास आज गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। यह एयरपोर्ट पूरी तरह से प्रदूषणमुक्त होगा। दिल्ली-एनसीआर में जेवर एयरपोर्ट दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। यह एयरपोर्ट इस लिहाज से भी खास है, क्योंकि यह उत्‍तरप्रदेश का 5वां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा।

देश में अभी तक तमिलनाडु और केरल ही ऐसे राज्य हैं, जहां 4-4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। इसके तैयार होने के बाद उत्‍तरप्रदेश सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्‍य हो जाएगा। राज्‍य में 2012 तक केवल 2 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे थे। 20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शुरू हुआ जबकि अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा है, जहां अगले साल तक सेवाएं शुरू हो जाएंगी।
जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए उत्‍तरप्रदेश सरकार ने फरवरी 2021 में 2,000 करोड़ रुपए के बजट का ऐलान किया था। इसे पूरा होने में लगभग 29 हजार 650 करोड़ रुपए की लागत आ सकती है। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण 5,845 हैक्टेयर जमीन पर हो रहा है। यहां से एकसाथ कम से कम 178 विमान उड़ान भर सकेंगे। पहले चरण में इसका निर्माण 1,334 हैक्टेयर जमीन पर होगा। निर्माण कार्य 4 चरणों में पूरा होगा।

माना यह भी जा रहा है कि इस एयरपोर्ट के बनने से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दबाव काफी कम हो जाएगा। एयरपोर्ट के पहले चरण को पूरे होने की उम्मीद साल 2024 तक की है। पहले चरण के पूरे होने पर एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की हो सकती है।



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