आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता, चिराग पासवान का बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि आरक्षण किसी की मांग पर समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई खैरात या किसी सरकार की ओर से दी जाने वाली रियायत नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है। इसका उद्देश्य उन समुदायों को सामाजिक रूप से आगे बढ़ाना है, जिन्होंने पीढ़ियों तक भेदभाव का सामना किया है।
दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान से जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था खत्म करने की मांग को लेकर चल रहे छात्र प्रदर्शन के बारे में सवाल किया गया था।
'आरक्षण किसी की मांग पर खत्म नहीं किया जा सकता'
चिराग पासवान ने कहा, “आरक्षण ऐसी चीज नहीं है, जिसे किसी की मांग पर खत्म किया जा सके। न ही यह किसी को दी जाने वाली खैरात है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि आरक्षण संविधान में किया गया प्रावधान है और यह किसी सरकार की इच्छा या कृपा पर निर्भर नहीं करता।
सामाजिक समावेशन के लिए बनाया गया आरक्षण
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था का उद्देश्य समाज के उन वर्गों को मुख्यधारा में लाना था, जिन्हें लंबे समय तक सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने इन समुदायों की पहचान की और उनके उत्थान के लिए आरक्षण का प्रावधान किया।
उन्होंने कहा कि समाज में आज भी सामाजिक भेदभाव की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में सामाजिक न्याय को मजबूत करने और आरक्षण व्यवस्था पर चर्चा आज भी प्रासंगिक है।
उत्तराखंड की घटना का किया जिक्र
चिराग पासवान ने सामाजिक भेदभाव के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि सामाजिक भेदभाव का मुद्दा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और सामाजिक न्याय पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
आरक्षण विरोधी प्रदर्शनकारियों से बातचीत की वकालत
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की ओर से आरक्षण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों को लेकर दिए गए बयान पर सवाल पूछे जाने पर चिराग पासवान ने कहा कि प्रदर्शनकारी अपनी चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए किया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों से संवाद के जरिए उन्हें आरक्षण के उद्देश्य और यह व्यवस्था अब भी क्यों जरूरी है, इसके बारे में समझाया जा सकता है।

