रामलला के दरबार में महाप्रायश्चित, चढ़ावा चोरी के पाप से मुक्ति के लिए 10 दिवसीय क्षमा-याचना अनुष्ठान
Ram Mandir Ayodhya Atonement Ritual: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामधन (दान और चढ़ावा) गबन का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस महापाप का पूर्ण रूप से खुलासा होना अभी बाकी है। चोरी कितनी बड़ी है, क्या-क्या गायब हुआ है और इस घिनौने कृत्य में कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं इन तमाम कड़ियों को जोड़ने में जांच एजेंसियां जुटी हुई हैं। इसी बीच, इस कृत्य से आहत राममंदिर ट्रस्ट ने प्रभु श्रीराम से क्षमा मांगने और मंदिर परिसर की पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक 10 दिवसीय महाअनुष्ठान की शुरुआत की है।
70 वैदिक आचार्यों ने संभाला जिम्मा
रामलला के दरबार में शुरू हुए इस 10 दिवसीय अनुष्ठान को अत्यंत गुप्त और पवित्र तरीके से संपन्न कराया जा रहा है। इसके लिए देश के 70 शीर्ष वैदिक आचार्यों को आमंत्रित किया गया है। ये आचार्य राम मंदिर के मुख्य गर्भगृह से लेकर परकोटे (परिसर की बाहरी सीमा) तक विभिन्न स्थानों पर बैठकर विशेष मंत्रोच्चार, जप और आहुतियां दे रहे हैं। एक वैदिक आचार्य के मुताबिक प्रभु के धन पर डाका डालने वालों को कानून सजा देगा, लेकिन मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह प्रायश्चित पूजन अनिवार्य था।
बड़े खुलासे की उम्मीद
एक तरफ जहां मंदिर परिसर में मंत्रों के उच्चारण से माहौल को शुद्ध किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और जांच स्तर पर भी कार्रवाई तेज है। सूत्रों के मुताबिक, यह गबन एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राम भक्तों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर रामलला के खजाने पर नजर डालने वाले वो 'अपराधी' कौन हैं।

