हल्द्वानी हिंसा में 6 की मौत, दुकान-स्कूल और इंटरनेट बंद, छावनी में तब्दील हुआ शहर
Haldwani Violence: उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले के वनभूलपुरा में मलिक के बगीचे में अवैध अतिक्रमण हटाने गई पुलिस और अधिकारियों पर पथराव और हमले के बाद फैली हिंसा में कुल 6 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। बीते गुरुवार को मदरसे और धार्मिक स्थल तोड़ने के दौरान भारी बवाल मच गया था।
गुस्साई भीड़ ने वनभूलपुरा थाना आग के हवाले कर दिया। वहीं तनाव को देखते हुए जिले के सभी दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। हिंसाग्रस्त इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही विकासखंड के सभी स्कूल को आज तक के लिए बंद रखने का आदेश दिया गया है। पूरा हल्द्वानी शहर छावनी में तब्दील हो गया है।These women are enemies of all the women on earth.
— Sunanda Roy (@SaffronSunanda) February 8, 2024
They are best example of Stockholm Syndrome. Muslim men are treating them well.
Now it's time for Uttarakhand Police to give them deserving treatment. They must be jailed.#Haldwani pic.twitter.com/Fal4PF37mi
घायलों में पुलिसकर्मी, कर्मचारी और अधिकारी शामिल : घायलों में कई पुलिसकर्मी, सरकारी कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। दरअसल, अधिकारी पुलिस की टीम के साथ सरकारी जमीन बने मदरसे, मस्जिद को तोड़ने पर बवाल शुरू हुआ था। मलिक का बगीचा इलाके में अवैध मदरसा और मस्जिद बना हुआ था। जिले में पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बल मोर्चा संभाले हुए हैं। गुरुवार की पूरी रात प्रशासन दंगाइयों की पहचान में जुटा रहा। हिंसा होने के बाद सीएम पुष्कर धामी ने हल्द्वानी के वनभूलपुरा में अवैध निर्माण को हटाए जाने के दौरान पुलिस और प्रशासन के अफसरों पर हमले की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
कार्रवाई से बड़ी संख्या में गुस्साए : बनभूलपुरा के इंदिरा नगर क्षेत्र में मलिक के बगीचे में बने अवैध मदरसे एवं मस्जिद को नगर निगम की टीम ने जेसीबी मशीन लगाकर ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मौके पर नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, उप जिलाधिकारी परितोष वर्मा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, बड़ी संख्या में महिलाओं सहित गुस्साए स्थानीय निवासी कार्रवाई का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए। उन्हें बैरिकेड तोड़ते और विध्वंस की कार्रवाई में लगे पुलिसकर्मियों के साथ बहस करते देखा गया।
हल्द्वानी हिंसा में कब-क्या हुआ?
दोपहर 3:00 बजे अतिक्रमण हटाने के लिए वनभूलपुरा थाने के पास टीमें जुटने लगीं।
शाम को 4: 23 पर प्रशासनिक अधिकारी टीम पुलिस फोर्स के साथ रवाना हुई।
4: 30 बजे टीम मलिक के बगीचे में पहुंची।
4 बजकर 40 मिनट पर लोग अतिक्रमण स्थल पर जुटने लगे।
4 बजकर 42 मिनट पर लोगों ने विरोध शुरू किया।
4 बजकार 44 मिनट पर लोगों ने पुलिस द्वारा लगाई बैरिकेडिंग को हटाना शुरू कर दिया।
4 बजकर 51 मिनट पर अराजक तत्त्वों ने जेसीबी रोकी।
4 बजकर 55 मिनट पर हंगामा शुरू हुआ और पत्थर बाजी हुई।
5 बजकर 17 मिनट पर अतिक्रमण तोड़न की कार्रवाई शरू की।
5 बजकर 20 मिनट पर लोगों ने जेसीबी तोड़ी।
5 बजकर 24 मिनट पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे।
5 बजकर 35 मिनट पर उपद्रवियों ने वाहनों में आग लगाई।
5: 54 पर पुलिसकर्मी घायल हुए।
6: 30 बजे उपद्रवियों ने थाना फूंका।
7:00 बजे घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल भेजा।
7:30 पर सीएम ने बैठकर कर उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश दिए।
7:48 पर शहर में कर्फ्यू का आदेश जारी हुआ।
7:55 पर उधमसिंह नगर से और फोर्स हल्द्वानी पहुंची।
Edited By Navin Rangiyal
Edited By Navin Rangiyal
