1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. मध्यप्रदेश
  4. Preparations underway to take action against IAS Santosh Verma for his controversial statement on Brahmin daughters
Last Updated :भोपाल , शुक्रवार, 28 नवंबर 2025 (14:42 IST)

ब्राह्मण बेटियों पर विवादित बयान पर IAS संतोष वर्मा पर एक्शन की तैयारी, विधानसभा में गूंजेगा मामला!

Action taken against IAS Santosh Verma for making controversial statement on Brahmin daughters
IAS Santosh Verma Controversy: ब्राह्मण बेटियों को लेकर विवादित बयान देने वाले IAS संतोष वर्मा के खिलाफ सरकार बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है। IAS संतोष वर्मा के बयान की निंदा खुद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के करने के साथ सीनियर विधायक गोपाल भार्गव के खुलकर विरोध में सामने आने के बाद अब विपक्ष पूरे मामले को लेकर आक्रमक है और सोमवार से शुरु हो रहे विधानसभा सत्र में उठाने की तैयारी में है।

वहीं अजाक्स संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को लेकर अब विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को  मंत्रालय के बाहर अधिकारी-कर्मचारी संगठन के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है। मंत्रालय सेवा अधिकारी/कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजी सुधीर नायक ने कहा कि अजाक्स प्रांताध्यक्ष का यह बयान घोर आपत्तिजनक है और समूचे सवर्ण समुदाय का अपमान है। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज की बेटियों के बारे में संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

डिप्टी सीएम ने कार्रवाई के दिए संकेत-वहीं पूरे मामले पर प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया पर लिखा  कि एक आईएएस अधिकारी द्वारा बहन एवं बेटियों को लेकर की गई टिप्पणी अत्यंत आपत्तिजनक, असंवेदनशील और समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा करने वाली है। किसी भी समाज के बहन एवं बेटियों के विरुद्ध ऐसी टिप्पणी विकृत मानसिकता का परिलक्षण है।

उन्होंने आगे लिखा कि “एक उच्च पद पर बैठे अधिकारी से ऐसे विचार न केवल सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि प्रशासनिक गरिमा पर भी प्रश्न उठाते हैं। सरकार की स्पष्ट मान्यता है कि किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा मातृशक्ति के विरुद्ध ऐसी टिप्पणी करना सामाजिक समरसता और संवैधानिक मर्यादा दोनों के विरुद्ध है। इस प्रकार की सोच भारतीय संस्कृति और हमारी परंपराओं का भी अपमान करती है। सभी वर्गों का सम्मान हमारी परंपरा का मूल है और किसी भी समुदाय विशेष को लक्षित कर की गई टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। इसी आधार पर सरकार द्वारा उनसे बयान पर स्पष्टीकरण मांगा गया है जो संतुष्टि प्रदायक न होने पर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

गोपाल भार्गव ने भी खोला मोर्चा-वहीं मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और सीनियर भाजपा विधायक गोपाल भार्गव ने IAS संतोष वर्मा के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की है।  उन्होंने संतोष वर्मा के IAS अवार्ड होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो अधिकारी चरित्रहीन हैं और उस पर महिलाओं का यौनशोषण के आरोप भी लगे हैं. ऐसे अधिकारी को आईएएस अवार्ड मिल गया. वह मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मांग करेंगे कि जज के फर्जी हस्ताक्षर करने वाला कैसे आईएएस बन गया. ऐसे लोगों का आईएएस अवार्ड वापस होना चाहिए।

ब्राह्मण  संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी- वहीं IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई को मांग को लेकर ब्राहमण संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। राजधानी के रोशनपुरा चौराहे पर हिंदूवादी संगठन संस्कृति बचाओ मंच की अगुवाई में बड़ी संख्या में  लोगों ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष चंदशेखर तिवारी ने कहा कि संतोष वर्मा जो खुद लिवइन में रहे है और अब वह ब्राहमण बेटियों के खिलाफ बयान दे रहे है। सरकार को ऐसे अफसर के खिलाफ क़ड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

क्या था पूरा बयान?-23 नवंबर को राजधानी भोपाल में अजाक्स संगठन का प्रांतीय अधिवेशन में अजाक्स के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।