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कृषक कल्याण वर्ष में अन्नदाताओं के सम्मान और सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
गेहूं उपार्जन की बेहतर व्यवस्थाओं से किसानों को हुई सुविधा: भारतीय किसान संघ
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आज भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर राज्य शासन द्वारा उठाए गए किसान कल्याण के निर्णयों के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषण कल्याण वर्ष 2026 में कृषकों के कल्याण के कार्य निरंतर होंगे। अन्नदाता के सम्मान और उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
भारतीय किसान संघ ने भारतीय किसान मंच के सुझाव पर ऋण अदायगी के लिए 31 मार्च की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 मई किए जाने और विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान करने के लिए आभार व्यक्त किया। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के हित में लिए गए निर्णय प्रशंसनीय हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट कर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कृषक हित से संबंधित कुछ सुझाव भी दिए। जिनमें मूंग खरीद व्यवस्था और मूंग-उड़द के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण करवाने, नहरों को तालाबों से जोड़ने के सुझाव शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष श्री कमल सिंह आंजना, प्रदेश महामंत्री श्री चंद्रकांत गौर के अलावा अन्य पदाधिकारी सर्वश्री सर्वज्ञ दीवान, लक्ष्मी नारायण पटेल, प्रह्लाद पटेल आदि शामिल थे।
मध्यप्रदेश गेहूं उपार्जन में अग्रणी-मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने गेहूं खरीदी में मध्यप्रदेश की उपलब्धि के लिए हर्ष व्यक्त करते हुए किसानों के लिए की गई बेहतर व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश ने समर्थन मूल्य पर 13.42 लाख किसानों से 104.36 लाख मे.टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसान संख्या की दृष्टि से मध्यप्रदेश भारत में प्रथम है। उपार्जन की दृष्टि से पंजाब के बाद मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर रहा है। प्रदेश में 9अप्रैल से 28 मई की अवधि में उपार्जन किया गया। समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल के साथ ही 40रुपए बोनस राशि मिलाकर किसान को प्रति क्विंटल 2625 रुपए प्रति क्विंटल के भुगतान की व्यवस्था करवाई गई। किसानों को 27 हजार 196.48 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान प्रदेश में किया जा चुका है।
