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मध्यप्रदेश में तीन दिनों में भी नहीं हो सका विभागों का बंटवारा, इन विभागों पर फंसा पेंच

Madhya Pradesh
भोपाल। मध्यप्रदेश में तीन दिनों की जद्दोजहद और लगातार इंतजार के बावजूद कांग्रेस सरकार के 28 मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण शुक्रवार सुबह तक नहीं हो सका। खबर है कि महत्वपूर्ण विभाग कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपने समर्थक मंत्रियों को दिलवाना चाहते हैं, जिसके चलते इस कार्य में इतनी माथापच्ची हो रही है।
 
मंत्रियों के बीच विभाग बटवारे की सूची गुरुवार देर रात तक आने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हाे पाया। अब आज सुबह से फिर सूची का स्वयं मंत्री, नेता और अन्य लोग इंतजार कर रहे हैं।
 
इस बीच कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पार्टी उच्च स्तर पर प्रयास कर रही है कि मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण शीघ्र हो जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं इस बात के लिए प्रयासरत हैं और उन्होंने राज्य और केंद्र के जिम्मेदार नेताओं से इस संबंध में बातचीत भी की है।
 
इन विभागों पर फंसा पेंच : बताया गया है कि गृह, महिला एवं बाल विकास, जनसंपर्क, लोक निर्माण और कुछ अन्य महत्वपूर्ण विभागों को लेकर वरिष्ठ नेताओं के समर्थक मंत्रियों में खींचतान मची हुई है। उम्मीद है कि केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप से यह मामला सुलझ जाएगा। मंत्रिमंडल में वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के काफी समर्थक हैं। वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ पंद्रह साल बाद पार्टी के सत्ता में आने और वचनपत्र में दिए गए वचनों को पूरा करने की महत्वपूर्ण चुनौती के मद्देनजर फूंक फूंक कर कदम रखना चाहते हैं।
 
कमलनाथ विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद 13 दिसंबर को कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए थे और 17 दिसंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद 25 दिसंबर को कमलनाथ सरकार के 28 मंत्रियों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद से मंत्रियों के विभागों को लेकर सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। 
 
नाराज दत्तीगांव की धमकी : वहीं धार जिले के बदनावर से कांग्रेस विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने गुरुवार को बदनावर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने ही दल के वरिष्ठ नेताओं को वंशवाद को लेकर जमकर हमला बोला। उन्होंने बगावती तेवर दिखाते हुए कहा कि यदि वे भी पूर्व मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री या किसी बड़े नेता के पुत्र होते, तो मंत्री बन जाते।
 
उन्होंने कहा कि वे अपना विधायक पद से त्यागपत्र वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को सौंप देंगे, क्योंकि उन्होंने ही टिकट दिलाया था। वे विधायक बनने का उनका अहसान भी नहीं लेना चाहते हैं।
 
दत्तीगांव का कहना है कि अब वे इस क्षेत्र के लोगों का हक समाप्त नहीं होने देंगे और न ही अन्याय सहेंगे। वे अपनी बात कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया है। वहीं मुरैना जिले के कुछ कांग्रेस नेताओं ने भी उस अंचल के वरिष्ठ विधायक एदल सिंह कंसाना को मंत्री नहीं बनाने पर नाराजगी जताते हुए त्यागपत्र देने की चेतावनी दी है।
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