सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा, सांसदी छोड़ने की दी चेतावनी, जंतर-मंतर लाठीचार्ज का भी विरोध
भोपाल। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और छात्रों की आवाज़ पर हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने जंतर-मंतर की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन उपवास समाप्त हो, यह सुनिश्चित करना संसद, सरकार और न्यायपालिका सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि वांगचुक को कोई नुकसान पहुंचता है, तो यह पूरे देश की सामूहिक विफलता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो "कम से कम मैं सांसद बने रहना बिल्कुल पसंद नहीं करूंगा," जिससे उन्होंने अपने सांसद पद से इस्तीफा देने की मंशा भी जताई।
वहीं, पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश तानाशाही और हिटलरशाही की ओर बढ़ रहा है। सत्ता के संरक्षण में चल रहे माफियाओं ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।
सचिन यादव ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर लाठीचार्ज करना, आंसू गैस के गोले दागना और उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों की आवाज़ दबाने की यह कार्रवाई आने वाले समय में सरकार को राजनीतिक रूप से भारी पड़ेगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को दमनकारी रवैया छोड़कर छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।

