152 पेपर लीक और 7.5 करोड़ छात्रों का मुद्दा, राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा, बोले- मुद्दे उठाने वाले छात्र पीटे जाते हैं
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए युवाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री" हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कथित रूप से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने में भी असफल रही है।
'152 पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित'
राहुल गांधी ने दावा किया कि देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी कीमत मेहनत करने वाले छात्रों को चुकानी पड़ी है। उन्होंने लिखा कि पेपर लीक करने वाले लोग खुले घूम रहे हैं, जबकि अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने वाले छात्रों को विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
छात्रों पर कार्रवाई का लगाया आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि जब छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए तो उन्हें जवाब के तौर पर "लाठी और हिरासत" मिली। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
In a video message over CJP March, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "This country has the majority of young people, PM Modi is the most anti youth Prime Minister India has ever had. The boys and girls who are walking the streets of Delhi are not criminals. They are demanding… pic.twitter.com/Q9F3JOBZvd
— Press Trust of India (@PTI_News) July 20, 2026
सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि यह सरकार केवल युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने में असफल नहीं हो रही, बल्कि उन पर दबाव भी बना रही है। उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना की। हालांकि, केंद्र सरकार पहले भी पेपर लीक और परीक्षा सुधारों को लेकर कई कदम उठाने का दावा कर चुकी है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं।

