शादी
चंपत- संपत भाई एक बात बताओ! तुमने अभी तक शादी क्यों नहीं की?
संपत- प्यारे चंपत, तुमने ये सुना होगा कि जाको राखे साइयाँ मार सके ना कोय।
संपत- प्यारे चंपत, तुमने ये सुना होगा कि जाको राखे साइयाँ मार सके ना कोय।

