सम्बंधित जानकारी
- भारत की सबसे तेज मिसाइल कौन-सी है? जानिए इसकी ताकत, जिससे चीन और पाकिस्तान की बढ़ी चिंता
- चलते ई-रिक्शा को दूर से रोक देता था चीनी BAT-BMS ऐप! सरकार ने तुरंत लिया एक्शन, ऐप स्टोर से हटाने का आदेश
- इंग्लैंड की कप्तान की विस्फोटक पारी, द.अफ्रीका 40 रनों से सेमीफाइनल हारी
- E20 पेट्रोल पर भड़के केजरीवाल, बोले- देश को बना दिया प्रयोगशाला; PM मोदी को लिखेंगे चिट्ठी
- पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें
क्या दूसरे T-20i मैच में होगा वैभव बनाम आर्चर का मुकाबला?
पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत जीत से महरूम रह गया। लेकिन इस मैच में भारत और इंग्लैंड को कई सबक मिल गए। भारत को यह सबक मिल गया कि शीर्ष क्रम आउट ऑफ फॉर्म है। वहीं इंग्लैंड को यह समझ आ गया कि तेज गेंदबाजी में धार कम है। ऐसे में अब सबकी निगाहें वैभव सूर्यवंशी बनाम जोफ्रा आर्चर के मुकाबले पर टिकी है लेकिन शायद शनिवार को भी क्रिकेट प्रेमी को निराशा हाथ लग सकती है।
गौरतलब है कि इंडियन प्रीमियर लीग में वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर दोनों ही राजस्थान रॉयल्स की टीम से खेलते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों में शामिल जोफ्रा आर्चर को भारत के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से आराम दिया गया है। उनको शायद दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी मौका नहीं मिलेगा और अंतिम तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ही वह इंग्लैंड का हिस्सा बनेंगे। उनको कार्यभार प्रबंधन के तहत बैंच पर बैठाया गया है।हालांकि पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड की गेंदबाजी अपेक्षाअनुसार नहीं रही थी तो उनको दूसरे मैच में मौका मिल सकता है।
पूरी सीरीज से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्करने साफ कहा है कि अगर भारत को इंग्लैंड को चौंकाना है तो वैभव को टी20 में मौका देना चाहिए।गावस्कर का मानना है कि युवा खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं बैठाया जाना चाहिए क्योंकि वह नया है। उनके मुताबिक वैभव को ओपनिंग या नंबर-3 पर उतारकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाया जा सकता है।
हालांकि की ओर से सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने संकेत दिए हैं कि वैभव को अपनी बारी का इंतजार करना होगा। ऐसे में प्लेइंग इलेवन को लेकर सबसे बड़ा सस्पेंस इसी युवा बल्लेबाज पर टिका हुआ है।लेकिन संजू सैमसन की लगातार 3 विफलता के कारण टीम प्रबंधन अपनी सोच बदलने पर मजबूर हो सकता है।
भारत की टी20 विश्व कप में खिताबी जीत के सूत्रधार रहे सैमसन को कम से कम एक साल तक मौका दिया जा सकता था लेकिन अब जबकि भारतीय क्रिकेट को सूर्यवंशी के रूप में एक असाधारण प्रतिभाशाली क्रिकेटर मिल गया है।ऐसे में सैमसन के लिये गलती की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है और टी20 विश्व कप का शानदार प्रदर्शन भी टीम में उनकी जगह की गारंटी नहीं हो सकता।अभिषेक शर्मा ने पिछले तीन मैचों में से दो में 49 और 59 रन बना लिये हैं जिससे सारा दबाव अब सैमसन पर है।
बारिश के कारण रद्द हुए पहले मैच में सैमसन ने सात गेंद में एक रन बनाया था और एक बार भी नहीं लगा कि वह आक्रामक खेलने के मूड में हैं । सीम लेती पिचों पर तकनीक के मामले में उनकी कमजोरी सामने आती है।राजस्थान के टोंक के रहने वाले आयरलैंड के गुमनाम से तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने उनकी कमजोरी का फायदा उठाकर उनका विकेट लिया।टीम प्रबंधन 15 वर्ष के सूर्यवंशी को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहता लेकिन अगले कुछ मैचों में उन्हें नहीं उतारा गया तो इस फैसले पर सवाल उठने तय हैं।
गौरतलब है कि इंडियन प्रीमियर लीग में वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर दोनों ही राजस्थान रॉयल्स की टीम से खेलते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों में शामिल जोफ्रा आर्चर को भारत के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से आराम दिया गया है। उनको शायद दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भी मौका नहीं मिलेगा और अंतिम तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ही वह इंग्लैंड का हिस्सा बनेंगे। उनको कार्यभार प्रबंधन के तहत बैंच पर बैठाया गया है।हालांकि पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड की गेंदबाजी अपेक्षाअनुसार नहीं रही थी तो उनको दूसरे मैच में मौका मिल सकता है।
पूरी सीरीज से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 वर्षीय विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्करने साफ कहा है कि अगर भारत को इंग्लैंड को चौंकाना है तो वैभव को टी20 में मौका देना चाहिए।गावस्कर का मानना है कि युवा खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए बाहर नहीं बैठाया जाना चाहिए क्योंकि वह नया है। उनके मुताबिक वैभव को ओपनिंग या नंबर-3 पर उतारकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर शुरुआत से दबाव बनाया जा सकता है।
भारत की टी20 विश्व कप में खिताबी जीत के सूत्रधार रहे सैमसन को कम से कम एक साल तक मौका दिया जा सकता था लेकिन अब जबकि भारतीय क्रिकेट को सूर्यवंशी के रूप में एक असाधारण प्रतिभाशाली क्रिकेटर मिल गया है।ऐसे में सैमसन के लिये गलती की कोई गुंजाइश नहीं रह गई है और टी20 विश्व कप का शानदार प्रदर्शन भी टीम में उनकी जगह की गारंटी नहीं हो सकता।अभिषेक शर्मा ने पिछले तीन मैचों में से दो में 49 और 59 रन बना लिये हैं जिससे सारा दबाव अब सैमसन पर है।
बारिश के कारण रद्द हुए पहले मैच में सैमसन ने सात गेंद में एक रन बनाया था और एक बार भी नहीं लगा कि वह आक्रामक खेलने के मूड में हैं । सीम लेती पिचों पर तकनीक के मामले में उनकी कमजोरी सामने आती है।राजस्थान के टोंक के रहने वाले आयरलैंड के गुमनाम से तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने उनकी कमजोरी का फायदा उठाकर उनका विकेट लिया।टीम प्रबंधन 15 वर्ष के सूर्यवंशी को लेकर कोई हड़बड़ी नहीं करना चाहता लेकिन अगले कुछ मैचों में उन्हें नहीं उतारा गया तो इस फैसले पर सवाल उठने तय हैं।
