रविंद्र जड़ेजा मैदान छोड़ बनना चाहते हैं मुख्य चयनकर्ता, बोर्ड से पूछी प्रक्रिया
वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मैच में एक साल बाद विकेट लेकर विकेटों का सूखा खत्म करने वाले रविंद्र जड़ेजा ने मुख्य चयनकर्ता बनने के लिए आवेदन देना चाहते हैं। उन्होंने इस सिलसिले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के साथ संपर्क साधा है।
दरअसल अजीत आगरकर के कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता हैं। बोर्ड ने एक्स पर इसका आवेदन मांगा जिसका रविंद्र जड़ेजा ने मजाकिया अंदाज में इसकी प्रक्रिया पूछी है। वैसे गंभीरता से सोचा जाए तो रविंद्र जड़ेजा से बेहतर विकल्प बोर्ड को शायद ही मिलेगा।उनकी पत्नी गुजरात में भाजपा की विधायक हैं और सभी खिलाड़ियों से उनके अच्छे संबंध है।
खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं जड़ेजा
क्रिकेट विशेषज्ञों को लगा था कि जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के कारण उनका लौट पाना मुश्किल है लेकिन चयनकर्ताओं ने उनको दूसरा मौका दिया।
गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।
ऐसा रहा है करियर
रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 234 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।
वहीं टी-20 क्रिकेट में उन्होंने 74 मैच खेले और 21 की औसत से 515 रन बना पाए। इसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है। वहीं इस प्रारुप में वह सिर्फ 54 विकेट ही निकाल पाए।
हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।
वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।
खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं जड़ेजा
क्रिकेट विशेषज्ञों को लगा था कि जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के कारण उनका लौट पाना मुश्किल है लेकिन चयनकर्ताओं ने उनको दूसरा मौका दिया।
गौरतलब है कि ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में बल्ले और गेंद दोनों से फ्लॉप रहे। 3 मैचों में उन्होंने 14 की औसत से 43 रन बनाए। पूरी सीरीज में वह सिर्फ एक बार ही गेंद को सीमा पार भेज पाए।
ऐसा रहा है करियर
रविंद्र जड़ेजा के सफेद गेंद के करियर पर नजर डालें तो वह 210 मैच खेल चुके हैं। 32 की औसत के साथ उन्होंने 2905 रन बनाए हैं। इसमें 12 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में गेंद से उन्होंने 234 विकेट निकाले हैं। इसमें 7 बार 4 विकेट और 2 बार 5 विकेट लेना शामिल है।
हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।टेस्ट क्रिकेट में उनको कितना मौका मिलता है यह देखने वाली बात होगी।
वहीं गेंद से तो वह एक विकेट के लिए तरसते रह गए। पहले मैच में उन्होंने 9 ओवर में 56 रन दिए। दूसरे मैच में उन्होंने 8 ओवर में 44 रन दिए और अंतिम मैच में उन्होंने 6 ओवर में 41 रन दिए। कुल मिलाकर वह 21 ओवर में 141 रन देकर भी एक विकेट नहीं ले सके। रविंद्र जड़ेजा 37 साल के हो चुके हैं और अक्षर पटेल की जगह ले रहे हैं जो टीम को कई अहम मौकों पर गेंद और बल्ले से मैच जितवा चुके हैं।

