सम्बंधित जानकारी
- Share bazaar: वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख से Sensex और Nifty में शुरुआती कारोबार में रही तेजी
- Share bazaar: निवेशकों के सतर्क रुख से बाजार में रहा उतार-चढ़ाव, Sensex 368 और Nifty 98 अंक फिसला
- FII की वापसी से Share Bazaar में बहार, Sensex 746 अंक उछला, Nifty में भी आई तेजी
- Share bazaar: विदेशी निवेशकों की लिवाली से Sensex 104 अंक चढ़ा, Nifty भी 24419 पर
- ट्रंप टैरिफ ने निवेशकों को डराया, शेयर बाजार 3 माह के निचले स्तर पर, कैसा रहेगा अगला सप्ताह?
Share Bazaar में आई बहार, Sensex 304 अंक उछला, Nifty भी रहा बढ़त में
Share Market Update News : स्थानीय शेयर बाजार में बुधवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 304 अंक के लाभ में रहा यानी 0.38 प्रतिशत की मजबूती के साथ 80,539.91 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 131.95 अंक यानी 0.54 प्रतिशत बढ़कर 24,619.35 पर पहुंच गया। अमेरिका में महंगाई दर स्थिर रहने के बीच वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ धातु, वाहन और औषधि कंपनियों के शेयरों में लिवाली से घरेलू बाजार बढ़त में रहा। सेंसेक्स मंगलवार को 368.49 टूटा था, जबकि निफ्टी में 97.65 अंक की गिरावट आई थी।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 304.32 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की मजबूती के साथ 80,539.91 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 448.15 अंक तक चढ़ गया था। वहीं 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 131.95 अंक यानी 0.54 प्रतिशत बढ़कर 24,619.35 पर पहुंच गया। विश्लेषकों ने कहा कि जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति के आठ साल के निचले स्तर 1.55 प्रतिशत पर आने से घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक असर हुआ।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, भारतीय शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। इसका कारण उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आठ साल के निचले स्तर पर पहुंचना है। इससे वाहन और धातु शेयरों की अगुवाई में सोच-विचार कर खर्च से जुड़े क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
वैश्विक स्तर पर, चीन पर शुल्क लगाए जाने की समय सीमा बढ़ाए जाने और तेल की कीमतों में नरमी से धारणा में सुधार हुआ। उन्होंने कहा, डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार रुख और वैश्विक जोखिमों को लेकर अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत की वृद्धि-मुद्रास्फीति की स्थिति वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुकूल बनी हुई है।
शुल्क पर स्थिति अद्यतन होने के आधार पर मामूली गिरावट का जोखिम बना हुआ है। भारत 15 अगस्त को होने वाली ट्रंप-पुतिन बैठक का इंतजार कर रहा है। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स और पावर ग्रिड लाभ में रहे। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में अडाणी पोर्ट्स, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाइटन शामिल हैं।
मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में घटकर आठ साल के निचले स्तर 1.55 प्रतिशत पर आ गई। यह जनवरी, 2019 के बाद पहली बार रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से नीचे है। खाने का सामान सस्ता होने से महंगाई दर कम हुई है। एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे। यूरोप के प्रमुख बाजार दोपहर के कारोबार में बढ़त में थे।
अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत से टूटकर 65.88 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,398.80 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। सेंसेक्स मंगलवार को 368.49 टूटा था, जबकि निफ्टी में 97.65 अंक की गिरावट आई थी। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
Edited By : Chetan Gour
