क्या आप मानेंगे पीएम मोदी की बात? एक साल सोना न खरीदने से कैसे बदल जाएगी भारत की किस्मत?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग ज्यादा करने, वर्क फ्रॉम होम करने के साध ही एक साल तक सोना नहीं खरीदने की भी अपील की। प्रधानमंत्री की अपील के बाद देश में सोने की मांग में काफी कमी आ सकती है। अब लोग सवाल कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री लोगों से सोना नहीं खरीदने की अपील क्यों की? यह भी पूछा जा रहा है कि एक साल सोना न खरीदने से भारत की किस्मत कैसे बदल जाएगी?
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पीएम मोदी ने क्यों की अपील?
प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने को लेकर कहा कि जो भी रास्ते अपना सकते हैं वो अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि सोने की खरीदी में विदेशी मुद्रा बहुत खर्च होती है। एक समय था जब संकट आता था तब लोग देशहित में सोना दान दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी।
2025 में 60 फीसदी बढ़े थे दाम
अमेरिका और ईरान युद्ध से पहले तक देश और दुनिया में सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल दिखाई दिया था। 2022 से ही सोने में लोगों की दिलचस्पी काफी कम है। 2025 में ही सोने के दाम 60 फीसदी से बढ़ गए। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने को रिजर्व एसेट के रूप में बढ़ा रहे हैं। ये ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अमेरिकी डॉलर का प्रभुत्व कम हो रहा है।
क्या होगा असर?
सोने की कीमतों में भारी गिरावट : अर्थशास्त्र का सीधा नियम है—मांग घटेगी, तो कीमत गिरेगी। जब खरीदने वाला कोई नहीं होगा, तो निवेशक अपना सोना बेचना शुरू कर देंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम तेजी से नीचे गिरेंगे।
भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर : भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हम अपनी जरूरत का लगभग सारा सोना आयात करते हैं। अगर लोग सोना कम खरीदेंगे तो इससे देश के अरबों डॉलर बचेंगे। इससे उद्योगों को पैसा मिलेगा और देश का विकास (GDP) बढ़ सकता है।
ज्वेलरी इंडस्ट्री पर संकट : भारत में करोड़ों लोग (सुनार, कारीगर, सेल्समैन) इस उद्योग से जुड़े हैं। काम बंद होने से बड़े पैमाने पर नौकरियां जाएंगी। दुकानें बंद होना, छोटे और बड़े ज्वेलर्स का व्यापार ठप हो जाएगा।
बैंकों और लोन पर असर : भारत में 'गोल्ड लोन' का बहुत बड़ा बाजार है। अगर सोने की कीमत बहुत ज्यादा गिर गई, तो बैंकों के पास गिरवी रखा हुआ सोना अपनी वैल्यू खो देगा। इससे बैंकों को घाटा हो सकता है और गोल्ड लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा।
मनोवैज्ञानिक असर : सोने को भारत में 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) माना जाता है। अगर इसकी कीमत बहुत गिरती है, तो लोगों का निवेश के पारंपरिक तरीकों से भरोसा उठ सकता है। लोग डर के मारे अन्य संपत्तियों (जैसे जमीन) की ओर भागेंगे, जिससे वहां महंगाई बढ़ सकती है।
edited by : Nrapendra Gupta
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