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Wed, 29 Jul 2026

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अंतरिक्ष यात्रा से परिवर्तित हो सकते हैं आनुवांशिक गुण

Space travel
वाशिंगटन। अंतरिक्ष की यात्रा करना हर अंतरिक्ष वैज्ञानिक का सपना होता है लेकिन हाल ही में हुए एक नए शोध में खुलासा हुआ है कि अंतरिक्ष यात्रा आनुवांशिक गुणों और अन्य जैविक संरचनाओं को परिवर्तित कर सकती है।
वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में लगभग एक वर्ष तक वक्त बिताने वाले स्कॉट केली और उनके जुड़वा भाई मार्क पर अध्ययन किया। इसके लिए वैज्ञानिकों ने केली के अंतरिक्ष में जाने से पूर्व, मिशन के दौरान और वहां से लौटने के बाद उनके कुछ नमूने लिए और जांच में उन्हें उनके अनुवांशिक गुणों में परिवर्तन दिखाई दिए।
 
स्कॉट 2015 से 2016 के बीच अंतरिक्ष में 340 दिन रहे थे। वहीं, उनके भाई मार्क 2001 से 2011 के बीच चार अंतरिक्ष अभियानों के लिए 54 दिन अंतरिक्ष में रह चुके हैं। चूंकि दोनों भाइयों के जीन समान हैं और जीवन शैली भी एक जैसी ही है, इसलिए नासा ने अंतरिक्ष में लंबा समय गुजारने वालों के आनुवांशिक गुणों और अन्य जैविक संरचनाओं में परिवर्तन का पता लगाने के लिए इन भाइयों को चुना।
 
नासा ने इनके रक्त के नमूने और अन्य जैविक नमूने लिए। नमूनों के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि अंतरिक्ष यात्रा के दौरान स्कॉट के गुणसूत्र के छोर में स्थित टेलोमियर्स मार्क के टेलोमियर्स की तुलना में ज्यादा बढ़ गए हैं। टेलोमियर्स प्रत्येक गुणसूत्र के अंत में मौजूद कैपनुमा वह संरचना है जो गुणसूत्र को नष्ट होने से बचाने के साथ ही इसे दूसरे गुणसूत्र से उलझने से बचाती है।
 
कोलोराडो स्टेट यूनिर्वसिटी के विकिरण जीवविज्ञानी सुसन बेइले ने इस पर्वितन को देखने के बाद कहा, 'जो हमने सोचा था, यह उससे ठीक उलटा है।' वैज्ञानिकों ने पाया कि स्कॉट के पृथ्वी पर वापस लौटने के बाद ये टेलोमियर अपने वास्तविक आकार में लौट आए हैं। वैज्ञानिक इस परिवर्तन का अर्थ पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं और साथ ही 10 अलग अंतरिक्ष यात्रियों के टेलोमियर की लंबाई का अध्ययन कर रहे हैं। इस पूरे कार्य में एक वर्ष का समय लग जाएगा जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि अंतरिक्ष की यात्रा किस प्रकार से अंतरिक्ष यात्रियों के आनुवांशिक गुणों को बदल देती है। (भाषा)