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...तो शिंजो के बाद योशिहिदे सुगा हो सकते हैं जापान के नए प्रधानमंत्री
जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे अपनी गिरती सेहत के चलते इस्तीफा दे रहे हैं। जापान की सत्तारूढ़ पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने सोमवार को आबे की सरकार में मुख्य कैबिनेट सचिव का पद देख रहे योशिहिदे सुगा को अपना नेता बनाया है।
इससे अब यह पूरी तरह से आधिकारिक हो गया है कि सुगा, आबे की जगह ले रहे हैं। सोमवार को लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के बीच हुए चुनाव में सुगा को बहुत आसान जीत मिल गई। उन्हें 534 में से कुल 377 वैध वोट मिले। उनके खिलाफ खड़े पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशीबा और एलडीपी के ही पॉलिसी चीफ फूमियो किशीदा उनके मुकाबले काफी पीछे रहे।
एलडीपी को विधायकों से मिले बहुमत के बाद अब बुधवार को इसपर संसदीय वोट लिया जाना है, जिसमें संभावना है कि सुगा को जीत मिलेगी, जिसके बाद वो जापान के नए प्रधानमंत्री बन जाएंगे!
71 साल के योशिहिदे सुगा आबे सरकार के शक्तिशाली सलाहकार और प्रवक्ता रहे हैं और उनको आबे की ही नीतियों को आगे ले जाने और स्थिरता बनाए रखने वाला उम्मीदवार माना जा रहा है।
उन्होंने अपने नॉमिनेशन में भी यह बात दोहराई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि 'कोरोना वायरस के इस संकट के बीच हम देश में इतना बड़ा राजनीतिक खालीपन नहीं रहने दे सकते। इस संकट से देश को निकालने और जापानी लोगों को सुरक्षा की भावना देने के लिए हमें प्रधानमंत्री आबे के कामों को आगे बढ़ाते रहना होगा। यह मेरा मिशन है'
उनकी उम्मीदवारी को जापान में स्थिरता का प्रतीक माना जा रहा है, ऐसे में नॉमिनेशन के पहले ही उनको अहम राजनीतिक हलकों से समर्थन मिल गया था।
बता दें कि शिंज़ो आबे ने अगस्त के अंत में घोषणा की थी कि वो अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उनको ulcerative colitis की समस्या है, जिससे कि अब उनका पद पर बने रहना मुश्किल होता जा रहा है। अभी उनके कार्यकाल में एक साल बचा थे।
इससे अब यह पूरी तरह से आधिकारिक हो गया है कि सुगा, आबे की जगह ले रहे हैं। सोमवार को लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के बीच हुए चुनाव में सुगा को बहुत आसान जीत मिल गई। उन्हें 534 में से कुल 377 वैध वोट मिले। उनके खिलाफ खड़े पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशीबा और एलडीपी के ही पॉलिसी चीफ फूमियो किशीदा उनके मुकाबले काफी पीछे रहे।
एलडीपी को विधायकों से मिले बहुमत के बाद अब बुधवार को इसपर संसदीय वोट लिया जाना है, जिसमें संभावना है कि सुगा को जीत मिलेगी, जिसके बाद वो जापान के नए प्रधानमंत्री बन जाएंगे!
उन्होंने अपने नॉमिनेशन में भी यह बात दोहराई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि 'कोरोना वायरस के इस संकट के बीच हम देश में इतना बड़ा राजनीतिक खालीपन नहीं रहने दे सकते। इस संकट से देश को निकालने और जापानी लोगों को सुरक्षा की भावना देने के लिए हमें प्रधानमंत्री आबे के कामों को आगे बढ़ाते रहना होगा। यह मेरा मिशन है'
उनकी उम्मीदवारी को जापान में स्थिरता का प्रतीक माना जा रहा है, ऐसे में नॉमिनेशन के पहले ही उनको अहम राजनीतिक हलकों से समर्थन मिल गया था।
बता दें कि शिंज़ो आबे ने अगस्त के अंत में घोषणा की थी कि वो अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उनको ulcerative colitis की समस्या है, जिससे कि अब उनका पद पर बने रहना मुश्किल होता जा रहा है। अभी उनके कार्यकाल में एक साल बचा थे।
