नेपाल में बाढ़ का सैलाब, 5 जिलों में हाई अलर्ट, 105 भारतीय पर्यटक लापता, हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी
तिब्बत की ओर से आई अचानक भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी।
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) August 26, 2026
टिमुरे बाजार और कस्टम क्षेत्र बाढ़ के तेज बहाव से बुरी तरह प्रभावित हुए।
बाढ़ में सैकड़ों वाहनों के बहने की खबर सामने आई है।#nepal #flood #nepalflood #tibet pic.twitter.com/ZjIznZX2gi
5 जिलों में हाई अलर्ट : हालात की गंभीरता को देखते हुए 5 जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पीएम बालेन शाह के निर्देश पर सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और हेलीकॉप्टर्स के जरिए उफनते पानी के बीच फंसी जिंदगियों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार सुबह तिब्बत से अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ ने उत्तरी नेपाल में भारी तबाही मचाई है और नदी के बहाव की दिशा में पड़ने वाले कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पानी का यह अचानक बहाव सुबह करीब 9:00 बजे भोटे कोशी नदी में आया और फिर आगे बढ़कर त्रिशूली नदी में नुवाकोट की ओर बढ़ा।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ का एक और डरावना वीडियो सामने आया है।
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) August 26, 2026
वीडियो चीन अधिकृत तिब्बत के इमिग्रेशन सेंटर का बताया जा रहा है।
बाढ़ की तेज लहरें करीब 5 मंजिला इमारत की ऊंचाई तक पहुंचती दिखाई दे रही हैं।#nepal #nepalflood #flood #tibet pic.twitter.com/YylRv0CY1X
9 पुलिसकर्मी लापता : तेज बहाव में वाहन और सामान बह गए, जबकि एक पुल भी टूट गया। बाढ़ के बाद टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के बाद से इनसे संपर्क नहीं हो पाया है। हालांकि, बॉर्डर पोस्ट पर मौजूद 25 से 30 दूसरे लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
बाढ़ के असर को देखते हुए बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिला हाई अलर्ट पर हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका जताई है।
नेपाल में अचानक आई फ्लैश फ्लड से भारी तबाही की खबर सामने आई है।
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) August 26, 2026
नेपाली मीडिया के मुताबिक अब तक 32 पुलिसकर्मियों और 25 श्रद्धालुओं समेत कई लोग लापता हैं।
लापता लोगों का फिलहाल कोई संपर्क नहीं हो पाया है, हेलीकॉप्टर से 12 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।#nepal #nepalflood #flood pic.twitter.com/Hv4wcZM3X9
तिब्बत से आई बाढ़ से तबाही : शुरुआती जानकारी के मुताबिक उत्तरी रसुवा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है खासकर तिमुरे बाजार इलाके, तिमुरे कस्टम ऑफिस और स्याब्रुबेसी में नुकसान हुआ है। वहीं जिला अधिकारी जान-माल और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं। हाइड्रोलॉजी के विशेषज्ञों का मानना है कि पानी का यह अचानक बहाव स्थानीय बारिश के कारण नहीं बल्कि तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर झील के फटने से आया है।
रेस्क्यू हेलिकॉप्टर को लौटना पड़ा : रसुवा के टिमुरे में फंसे लोगों को निकालने के लिए भेजा गया हेलिकॉप्टर बिना उतरे काठमांडू लौट आया। बाढ़ के पानी में स्थानीय हेलिपैड बह गया था, इसलिए पायलट को उतरने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिली। पायलट ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि ऊपर से देखने पर टिमुरे गांव का बड़ा हिस्सा नजर ही नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा कि त्रिशूली नदी का पानी अचानक बहुत तेजी से बढ़ा, जैसे अचानक किसी बंद नदी का पानी बाहर निकल आया हो।
ग्लेशियल झील फटने की आशंका : रसुवा में पिछले 24 घंटे में 7 मिमी से ज्यादा बारिश नहीं हुई, इसलिए बाढ़ की वजह स्थानीय बारिश नहीं मानी जा रही। अधिकारियों को शक है कि तिब्बत में ग्लेशियल झील फटने (GLOF) से अचानक पानी भोटे कोशी में आया। ICIMOD-UNDP की 2020 की स्टडी के मुताबिक, भोटे कोशी बेसिन में 122 ग्लेशियल झीलें हैं। कौन-सी झील फटी, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है; सैटेलाइट इमेज और तकनीकी जांच से स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक भीषण बाढ़ आ गई।
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) August 26, 2026
तेज बहाव की चपेट में कई बाजार और गांव आने की खबर है।
बड़ी संख्या में लोगों के बह जाने की सूचना सामने आई है।#nepalflood #nepal #flood pic.twitter.com/8WDv5fFuFB

